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Saket Building Collapse: बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका, हादसे के वक्त खाना खा रहे थे कई छात्र

Sat, 30 May 2026 11:32 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सैदुल्लाजाब गांव समेत चार गांवों की कमेटी के प्रधान रविंद्र सिंह गुलालिया ने बताया कि इस इमारत में पीजी, कॉफी हाउस, कैंटीन व व्यवसायिक गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने बताया कि आज वीकेंड है। गार्डन ऑफ फाइवसेंस पास में है। वहां ट्यूस्टि आते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि ट्यूस्टि व अन्य लोग यहां कॉफी हाउस में आए हों। परिवार के साथ लोग आते हैं। 
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दिल्ली में तीन मंजिला इमारत गिरी - फोटो : ANI

दक्षिण दिल्ली के साकेत के पास सैदुल्लाजाब सिस्टम का भ्रष्टाचार फिर सामने आया है। साकेत मेट्रो स्टेशन से कुछ दूरी पर वेस्टर्न मार्ग की गली नंबर-5 में स्थित ग्राउंड समेत तीन मंजिला इमारत शनिवार रात भराभरा कर ढह गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत अवैध निर्माण का बोझ नहीं सह पाई और जमींदोज हो गई। सवाल ये है कि आखिर इमारत पर चौथी मंजिल का निर्माण किसकी अनुमति से चल रही थी। क्या कोई सरकारी एजेंसी ने मौके पर जाकर चेक किया था। घायलों में ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं।

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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
ग्राउंड फ्लोर पर चलती थी कैंटीन
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर गली नंबर-5 में स्थित ये इमारत थी। शनिवार की शाम 7.45 बजे दमकल विभाग को इमारत के दहने की सूचना मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर कैंटीन चलती थी। साथ ही इमारत में कैफे, कोचिंग सेंटर व पीजी चलता है। कॉफी हाउस भी चलता था। इस इमारत में व्यवसायिक गतिविधियां ही चलती थीं।
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बचाव टीम - फोटो : अमर उजाला
विदेश जाने के लिए पढ़ाई कर रहे थे
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्र यहां एफएसएमजी की पढ़ाई कर रहे थे। ज्यादातर छात्र यहीं कोचिंग ले रहे थे और यहीं पीजी में रहते थे। ऐसे में इस हादसे में छात्रों के ज्यादा मौत होने की संभावना है।

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बचाव टीम - फोटो : अमर उजाला
शाम के समय होने के कारण मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है
सैदुल्लाजाब गांव समेत चार गांवों की कमेटी के प्रधान रविंद्र सिंह गुलालिया ने बताया कि इस इमारत में पीजी, कॉफी हाउस, कैंटीन व व्यवसायिक गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने बताया कि आज वीकेंड है। गार्डन ऑफ फाइवसेंस पास में है। वहां ट्यूस्टि आते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि ट्यूस्टि व अन्य लोग यहां कॉफी हाउस में आए हों। परिवार के साथ लोग आते हैं। ये जानकारी सामने आई है कि हो सकता है 100 लोग इसमें दबे हों। सभी एजेंसियां घायलों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं। गांव के लोग भी मदद कर रहे हैं।
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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
मलबे से जीवित निकले लोग
शनिवार रात मकान गिरने की सूचना मिलते ही कुछ ही देर में घटनास्थल पर स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इमारत के मलबे में फंसे हुए लोगों की तलाश करने में जुट गए। लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए आवाज लगाने लगे। कुछ घायलों ने आवाज लगाकर लोगों को फंसे होने की जानकारी दी। जहां पहुंचकर लोगों ने देखते ही देखते तीन लोगों को जीवित हालत में बाहर निकाल दिया। 
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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
नौ घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
इमारत का मलबा गिरने से लोगों के हाथ पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी थी। इसी बीच सूचना मिलते ही राहत बचाव टीम के साथ कैट्स की एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया। स्थानीय पुलिस के साथ साथ दमकल विभाग के कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। राहत बचाव दल के आने के बाद स्थानीय लोगों को घटनास्थल से हटाया गया। पुलिस और दमकल कर्मियों फिर बचाव अभियान शुरू किया। रात साढ़े दस बजे तक बचावकर्मी सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर नौ अन्य घायलों को बाहर निकालकर पास के अस्पताल में पहुंचाया।
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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
जोरदार धमाके की आवाज, आसपास फैली धूल मलबा
इमारत गिरने के बाद आस पास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। चश्मदीदों ने बताया कि इमारत के गिरते ही एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। उसके बाद आस पास में धूल का गुब्बार फैल गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत का कुछ हिस्से में निर्माण कार्य हो रहा था।
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बचाव कार्य में जुटी टीम - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल की रोशनी में हुई राहत कार्य की शुरूआत
इमारत के गिरने के बाद घटनास्थल की बिजली गुल हो गई। स्थानीय लोगों ने मोबाइल की रोशनी कर मलबा में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दर्जन से अधिक लोग एक साथ मोबाइल की रोशनी में उनकी तलाश करनी शुरू कर दी। यहां तक कि घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी मोबाइल की रोशनी का ही सहारा लेकर कुछ लोगों को बाहर निकाला।
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