दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने कमर कस ली है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर बेड, जांच सुविधाएं और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
दिल्ली के सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इनमें एम्स नई दिल्ली, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। आरएमएल और सफदरजंग अस्पताल ने मरीजों की समय पर पहचान, उपचार और निगरानी के लिए व्यवस्थाएं की हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और उपलब्ध संसाधन मौजूदा मरीजों के लिए पर्याप्त हैं।
आरएमएल अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी वैशाली भारद्वाज ने बताया कि एच1एन1 के भर्ती मरीजों की संख्या अभी इकाई अंक में है। उन्होंने कहा कि इन मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए तय नैदानिक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मरीजों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक समर्पित क्षेत्र भी निर्धारित है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
संक्रमण रोकथाम और तैयारियां
सफदरजंग अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी साक्षी चुघ ने स्वाइन फ्लू सहित अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारियां पूरी होने की बात कही। अस्पताल में आवश्यक दवाओं के साथ उपचार और सहायक देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। चुघ ने बताया कि इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की चिकित्सकीय जांच कर उनकी स्थिति के अनुसार प्राथमिकता तय की जा रही है।
अस्पतालों में जरूरी दवाओं और इलाज की व्यवस्था की गई
मौसम में बदलाव के साथ फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्वी दिल्ली के अस्पतालों ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पतालों में जरूरी दवाओं व इलाज की व्यवस्था की गई है। फिलहाल स्वाइन फ्लू के गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं। जीटीबी अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है, लेकिन जरूरी तैयारियां पूरी हैं। ओपीडी में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है। पहले से बीमार मरीजों को ठीक होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। कड़कड़डूमा स्थित निजी अस्पताल की डॉ. लवलीन शर्मा ने बताया कि एच1एन1, एच3एन2 व अन्य वायरल संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं। अस्पताल में करीब चार-पांच स्वाइन फ्लू के मरीज भर्ती हैं।