रोहिणी जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि शुक्रवार, 13 फरवरी को सुबह लगभग 8.46 बजे केएन काटजू मार्ग थाना पुलिस को हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में एक शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पानी से बाहर निकाले गए शव की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि यह लगभग 30 से 35 साल के एक युवक का है। युवक का सिर, दोनों पैर और कलाई से दोनों हाथ कटे हुए थे। पुलिस को जांच के दौरान युवक के दोनों हाथों पर पुराने कट के निशान भी मिले। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, शव लगभग दो दिन पुराना हो सकता है।
पहचान में आ रही है मुश्किल
घटनास्थल पर क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिन्होंने साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, मृतक का ऊपरी वस्त्र गायब था और उसके पास से कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। शव को अंबेडकर अस्पताल में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी। पुलिस लापता व्यक्तियों से संबंधित जानकारी जुटा रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके। इस संबंध में दिल्ली के सभी थानों के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी सूचना भेजी गई है।
नहर का इस्तेमाल शव ठिकाने लगाने में
पुलिस को आशंका है कि हत्यारों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए मुनक नहर का इस्तेमाल किया है। हरियाणा के करनाल से निकलने वाली यह 102 किलोमीटर लंबी नहर हैदरपुर प्लांट तक पहुंचती है। जहां लगे जाल में शव फंस जाते हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हर महीने इस प्लांट के आसपास ऐसे तीन से चार शव मिलते हैं। यदि किसी शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो 72 घंटे बाद उसके फोटो और विवरण जिपनेट पर अपलोड कर अंतिम संस्कार कर दिया जाता है।
पुलिस इस मामले को एक सुनियोजित हत्या मान रही है और हत्यारों की तलाश में जुटी हुई है। शव की पहचान होने के बाद ही हत्या के कारणों और पीछे की पूरी कहानी का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है।