फर्रुखनगर। चांदनगर रोड वाटर सप्लाई स्थित पावन धाम शिव मंदिर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन राम और भरत मिलन की कथा सुनाई गई। वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य त्रिलोकी महाराज ने कहा कि भरत ननिहाल से आकर अपने पिता का अंतिम संस्कार कर गुरु वशिष्ठ को साथ लेकर तीनों माताओं के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। आगे निषाद राज से भेंट हुई तब ज्ञात हुआ कि प्रभु श्रीराम भारद्वाज ऋषि के आश्रम में पधारे थे। ऐसा जानकर भरत ने मुनि को प्रणाम कर प्रभु का कुशल क्षेम पूछा। तब पता चला कि प्रभु चित्रकूट में कुटी बनाकर निवास कर रहे हैं। भरत की यात्रा चित्रकूट के लिए प्रस्थान हुई। देवताओं ने भरत की सेवा कर भक्तों का मान बढ़ाया। जब श्रीराम ने भरत को देखा तो मन ही मन प्रसन्न हुए। राम और भरत का मिलन देखकर देवताओं ने भी पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर दीवान सिंह प्रधान, विजय पाल, नरेंद्र शर्मा, पंडित ओमप्रकाश, शमशेर सिंह, मयंक शर्मा (भूरा), विनोद शर्मा, नरेश सैनी, अजीत सैनी आढ़ती सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और कथा सुनकर भाव विभोर हो गए। संवाद