जीएमडीए ने बसई जल संयंत्र में पानी की कमी से निपटने के लिए किए पुख्ता इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पिछले वर्ष गर्मियों के दौरान बसई जल शोधन संयंत्र में पानी की कमी की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने इस बार पहले से ही विशेष सतर्कता बरती है। प्राधिकरण ने बसई संयंत्र के स्टोरेज टैंकों में जलस्तर बनाए रखने के लिए चंदू बुढ़ेरा जल शोधन संयंत्र से पंपों के माध्यम से अतिरिक्त कच्चा नहरी पानी बसई तक पहुंचाने की व्यवस्था की है, ताकि शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
गुरुग्राम में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से बसई और चंदू बुढ़ेरा नहरी जल शोधन संयंत्रों से होती है। बसई स्थित संयंत्र में यमुना नहर से करीब 69 किलोमीटर दूर से पानी लाया जाता है। इस संयंत्र की क्षमता 270 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है। सोनीपत के ककरोई से गुरुग्राम तक गुरुग्राम कैनाल की स्थिति जर्जर होने के कारण नहर अपनी पूरी क्षमता से पानी नहीं पहुंचा पा रही है। इसके चलते गर्मियों में बसई संयंत्र में कच्चे पानी की उपलब्धता प्रभावित होने का खतरा रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए जीएमडीए ने एनसीआर चैनल से जुड़े चंदू बुढ़ेरा संयंत्र से अतिरिक्त पानी बसई तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। जरूरत के अनुसार चंदू बुढ़ेरा प्लांट से पंप से पानी बसई संयंत्र भेजा जा रहा है।
बसई संयंत्र से इन क्षेत्रों में की जाती है पानी की आपूर्ति
पिछले वर्ष गर्मियों में बसई संयंत्र के तीनों स्टोरेज टैंकों में जलस्तर काफी नीचे चला गया था। स्थिति गंभीर होने पर कई क्षेत्रों में पानी की राशनिंग की आशंका पैदा हो गई थी। इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही स्टोरेज टैंकों में पर्याप्त पानी बनाए रखने की रणनीति अपनाई गई है। बसई संयंत्र से ओल्ड गुरुग्राम के शांति नगर, चार-आठ मरला, ओम नगर, शिवाजी नगर, सेक्टर-5, सेक्टर-7, सेक्टर-10 सहित अनेक कॉलोनियों और सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
वर्तमान में बसई जल शोधन संयंत्र में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। संयंत्र में लगभग तीन दिन की जरूरत के बराबर पानी भंडारित करने की क्षमता है और इस बार गर्मियों की शुरुआत से ही जल भंडारण पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। -अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए