फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: अधिकृत होने की बाट जोह रहीं औद्योगिक इकाइयां

विज्ञापन
विज्ञापन
बसई, दौलताबाद, कादीपुर से लेकर गाड़ौली तक करीब 10,000 औद्योगिक इकाइयां अनधिकृत
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के अनधिकृत क्षेत्र में शामिल औद्योगिक इकाइयों पर बड़े उद्योगों और निर्यातक इकाइयों के उत्पादन का दारोमदार टिका है मगर शहर की करीब 10,000 औद्योगिक इकाइयां अनधिकृत होने के कारण सुविधाओं से वंचित हैं।
पिछले साल के बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनधिकृत क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को अधिकृत करने की घोषणा की थी मगर उद्यमियों के अनुसार इसके लिए कागजी कार्रवाईयां जटिल हैं और उद्यमियों को प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण लेेने की जरूरत है। अभी तक शहर के अनधिकृत क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयाें के अधिकृत होने का मामला आगे नहीं बढ़ा। उद्यमियों का कहना है कि अनधिकृत होने के कारण औद्योगिक इकाइयों को अग्निशमन जैसे अनिवार्य लाइसेंस तक नहीं मिलते हैं। इससे लोगाें की जान तक का खतरा है। दौलताबाद, बसई, कादीपुर से लेकर गाड़ौली तक काफी संख्या में छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां अधिकृत होने का इंतजार कर रही हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जो आस बंधी थी, लालफीताशाही ने उस पर लगाम लगा दिया है।
विज्ञापन


वर्जन
दौलताबाद के उद्यमियों को सीवेज, सड़क और ट्रैफिक संबंधित कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह शहर का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, जो पहले अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र मगर नगर निगम बनने के बाद इसे रिहाइशी इलाका घोषित कर दिया गया। -विनय गुप्ता, चीफ पेट्राॅन, दौलताबाद उद्योग संघ

पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए औद्योगिक इलाके के लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। यहां करीब 350 औद्योगिक इकाइयां हैं। अधिकृत होने के लिए सरकारी कार्रवाई का हिस्सा बन रहे हैं मगर जब तक अधिकृत होने की प्रक्रिया चल रही है, हमें बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। -समीर गोयल, बसई औद्योगिक क्षेत्र

छोटे-छोटे उद्यमी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को विवश हैं, जबकि हम लोग सरकार को सारे टैक्स, जीएसटी सभी भरते हैं। पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, अधिकृत की श्रेणी में आने के बाद कई सुविधाएं हमें मिल जाएंगी। -मनोज वर्मा, बसई औद्योगिक क्षेत्र
विज्ञापन


उद्योग चाहे अधिकृत क्षेत्र में हो या अधिकृत क्षेत्र में, सरकार जीवनरक्षक लाइसेंस देना चाहिए। सरकार की अधिकृत किए जाने की घोषणा के बाद से केवल एक बार वेबसाइट बनी फिर दोबारा बनी, उद्यमियों कोे इसकी पूरी जानकारी भी नहीं है। -दिनेश अग्रवाल, कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें