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UP: 25 साल केस लड़ने के बाद कोर्ट ने सुनाई तीन माह की सजा, बस से उतरते समय युवक की हुई थी मौत, चालक को हुई जेल

Thu, 06 Aug 2026 10:50 PM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

25 साल पुराने बस दुर्घटना मामले में चालक सत्येंद्र को दोषी ठहराया गया। बस से उतरते युवक पप्पू की मौत हुई थी। अदालत ने तीन माह कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड सुनाया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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विजय नगर क्षेत्र में बस से उतरते समय युवक की पिछले पहिये के नीचे आने से हुई मौत के 25 साल पुराने मामले में अदालत ने बस चालक सत्येंद्र को दोषी करार दिया है। अपर सिविल जज (सीडि.)/एसीजेएम कोर्ट-5 की न्यायाधीश अर्पिता यादव ने सत्येंद्र को धारा 279 और 304 ए के तहत दोषी मानते हुए तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर कुल पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों धाराओं में दी गई सजा साथ-साथ चलेंगी।

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अभियोजन के अनुसार, नौ अप्रैल 2001 को पप्पू अपने मामा उमेश प्रसाद और मामी रेनू देवी के साथ बस संख्या UP-14-J-6919 से नोएडा से बहरामपुर लौट रहा था। हिंडन नदी के पास ग्रीन होटल के सामने तीनों बस से उतर रहे थे। उमेश और रेनू के उतरने के बाद पप्पू बस से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान बस चालक ने बस चला दी। पप्पू सड़क पर गिर गया और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। गंभीर रूप से घायल पप्पू को एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मामले में रेनू देवी की तहरीर पर सत्येंद्र के खिलाफ विजय नगर थाने में धारा 279 और 304ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने उमेश प्रसाद, रेनू देवी और सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल रामकिशन को गवाह के रूप में पेश किया। कोर्ट ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को अहम माना।
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