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डिजिटल अरेस्ट कर कर्नल से ठगे 15.50 लाख: बैंक कर्मी समेत चार अरेस्ट, कंबोडिया-दुबई तक जुड़े साइबर ठगों के तार

Fri, 21 Aug 2026 06:37 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त कर्नल से 15.50 लाख रुपये ठगने के मामले में बैंक कर्मी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी म्यूल बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इनके तार कंबोडिया और यूएई-दुबई से जुड़े मिले।
 
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साइबर ठगी मामले में चार आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला GFX
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दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सेवानिवृत्त भारतीय सेना के कर्नल से 15.50 लाख रुपये की ठगी के मामले में बैंक कर्मी समेत चार आरोपियों को पंजाब और राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सरबजीत, सूरज, बैंक कर्मचारी संदीप और राजस्थान के सीकर निवासी नरेश उर्फ लकी के रूप में हुई है।
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इनके कब्जे से पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले गैंग को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इनका संपर्क कंबोडिया और यूएई और दुबई में बैठे साइबर ठगों से होने का पता चला है।
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जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिये साइबर सेल में मुनिरका एन्क्लेव निवासी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल ने डिजिटल अरेस्ट के जरिये 15.50 लाख की ठगी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए एक व्यक्ति का फोन आया। उसने बताया कि उनके मोबाइल नंबर को महाराष्ट्र पुलिस के आदेश पर बंद किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें दूसरे नंबर पर बात कराई गई।

ठगों ने दावा किया कि उनके नाम से मुंबई में एक बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, निवेश धोखाधड़ी और आतंकी फंडिंग में हो रहा है। ठगों ने विश्वास जमाने के लिए पीड़ित को फर्जी ईडी गिरफ्तारी वारंट, अदालत के दस्तावेज, अग्रिम जमानत के कागजात और बॉम्बे हाईकोर्ट व आरबीआई के फर्जी पत्र भेजे। इसके बाद कर्नल और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। लगातार मानसिक दबाव बनाकर उनसे 15.50 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि रकम लुधियाना के एक बैंक खाते तक पहुंची। पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए लुधियाना पंजाब निवासी खाता धारक सरबजीत, सूरज, बैंक कर्मचारी संदीप और राजस्थान के सीकर निवासी नरेश उर्फ लकी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि खाते एक-दूसरे के जरिये आगे पहुंचाए जाते थे और अंत में विदेश में बैठे साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जाते थे।
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जांच में पता चला कि आरोपियों का बैंक खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की 17 शिकायतों से जुड़ा है। जिसमें करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, विदेश में बैठे संचालकों और रकम के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी है।
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