ऐसे में यह पहल शहर के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नीतीश परवाल ने बताया, निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर निगम तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया, यह देश का पहला ऐसा श्मशान घाट होगा, जहां कुत्तों का अंतिम संस्कार उपलों से किया जाएगा।
मोर्चरी वैन की सुविधा
इस श्मशान घाट की एक खास बात यह है कि कुत्तों के शव को लाने के लिए मोर्चरी वैन की भी व्यवस्था की गई है। अब किसी इलाके में कुत्ते की मौत होने पर लोग शव को इधर-उधर फेंकने को मजबूर नहीं होंगे। निगम की टीम सूचना मिलने पर शव को सुरक्षित तरीके से श्मशान घाट पहुंचाएगी।
निगम अधिकारियों के मुताबिक, इससे सफाई कर्मचारियों और आम लोगों दोनों को राहत मिलेगी। कई बार कुत्तों के शव कूड़े में फेंके जाते थे जिससे बदबू फैलने के साथ आवारा जानवरों और कीड़ों के कारण हालात और भी खराब हो जाते थे।