जिसमें कूल्हे की हड्डी खराब हो जाती है और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। कोविड के बाद विकसित हुई यह समस्या और उनका अत्यधिक वजन सर्जरी को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहे थे।
डायरेक्टर एंड हेड रोबोटिक नी और मिनिमली इनवेसिव हिप रिप्लेसमेंट डॉ. पंकज वलेचा ने बताया कि मरीज का पहला हिप पिछले वर्ष बदला गया था और सकारात्मक परिणाम के बाद उन्होंने इस बार दूसरी तरफ की सर्जरी करवाई।
वजन कम कराने की सर्जरी कुछ चिकित्सीय कारणों से संभव नहीं होने पर टीम ने जोखिम के बावजूद हिप रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया। अत्यंत सावधानी और अनुभवी टीम की मदद से यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, स्टेरॉयड का सेवन और बीमारी का देर से पता चलना एवीएन के मुख्य कारण हैं। युवाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और देश व पड़ोसी देशों से मरीज ऐसे जटिल उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं।