पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडिया गेट पर प्रदूषण के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 17 प्रदर्शनकारियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने इन सभी के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट साहिल मोंगा ने 3 दिन की हिरासत मंजूर की।
प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि रविवार को इंडिया गेट के पास वायु प्रदूषण को लेकर हुए विरोध के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को हटाने से रोकने की कोशिश की और कुछ लोगों ने कथित तौर पर पुलिसवालों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि यह बेहद असामान्य और दुर्लभ घटना है और इससे स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ बीएनएस के तहत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पेपर स्प्रे मामले में 5 को दो दिन की न्यायिक हिरासत
अदालत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार पांच प्रदर्शनकारियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट अरिदमन सिंह चीमा की कोर्ट ने रविवार रात कर्तव्य पथ पुलिस थाने में दर्ज मामले में एक व्यक्ति को उसकी उम्र की पुष्टि होने तक निगरानी गृह में भेज दिया। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपियों की पहचान आकाश, अहान, अक्षय, समीर और विष्णु के रूप में हुई है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार किए गए पांचों प्रदर्शनकारी हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दुर्दांत नक्सली माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगा रहे थे। पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
दिल्ली में प्रदूषण के विरोध मामले में एसएफएस ने दो समूहों से बनाई दूरी
दिल्ली में रविवार को हुए दिल्ली अगेंस्ट क्लीन एयर प्रदर्शन के बाद साइंटिस्ट्स फॉर सोसाइटी (एसएफएस) ने उन समूहों से दूरी बना ली है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान प्रदूषण की थीम से हटकर अन्य मुद्दों से जुड़े नारे लगाने शुरू कर दिए थे। एसएफएस ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि वह इस प्रदर्शन में केवल एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर शामिल हुआ था और उसका उद्देश्य दिल्ली की बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता फैलाना और सरकार की नाकामी पर सवाल उठाना था। एसएफएस के अनुसार, दो संगठनों हिमखंड और बीएससीईएम ने सीपीआई (माओवादी) नेता माडवी हिडमा की कथित एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल हत्या को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी थी।