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दिल्ली बनी गैस चैंबर: इस साल AQI खतरनाक स्तर पर... दिखी स्मॉग की मोटी चादर; NCR में नोएडा की हवा सबसे खराब

Sat, 13 Dec 2025 08:59 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली

सार

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली में शनिवार को धीमी हवा और खराब मौसम के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक तेज से बिगड़ गया। शाम चार बजे तक एक्यूआई 431 दर्ज हुआ जो 6 बजे तक 441 रिकॉर्ड किया गया।
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वायु प्रदूषण - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजधानी में हवा की धीमी गति और खराब मौसम की स्थिति के कारण फिजा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। यह इस साल की सबसे खराब हवा रही। यही नहीं, पूरे देश में दिल्ली तीसरी सबसे अधिक प्रदूषित रही। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार गंभीर होती जा रही है। आज दोपहर 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 431 दर्ज किया गया था, जो शाम 6 बजे बढ़कर 441 तक पहुंच गया।

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एनसीआर में नोएडा की हवा ज्यादा खराब
इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 431 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 82 सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 455 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 442 और गुरुग्राम में 322 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 214 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।

जानें कैसे बढ़ा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 14.29 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 6.86, आवासीय इलाकों से 3.69 और निर्माण गतिविधियों से 1.85 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा पूर्वी दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 850 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 1000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।

सांस में परेशानी और आंखों में हो रही जलन
दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 425.7 और पीएम2.5 की मात्रा 258.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार को हवा बेहद श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।
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राहत के नहीं आसार
दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से प्रदूषण के कण ज्यादा देर तक वायु मंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

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