हौज रानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में बुधवार को लगी भीषण आग में 12 विदेशी नागरिकों में एक दंपती अफ्रीका की है। इनके शव इमारत के भूतल पर स्थित एक बाथरूम के अंदर बरामद हुए। माना जा रहा है कि दंपती ने आग की लपटों से बचने के लिए बाथरूम का सहारा लिया होगा, लेकिन धुएं के कारण दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।
दंपती से परिचित मैक्स स्मार्ट अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि दोनों संतान सुख पाने के लिए ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ (आईवीएफ) की प्रक्रिया से गुजर रहे थे और उन्होंने पास में स्थित ‘फ्लरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में ठहरने का फैसला किया था।
दंपती की मिसाल ताजमहल से बढ़कर है
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में शामिल अस्पताल के ड्यूटी प्रभारी वसीम रजा ने बातचीत में उस दृश्य को प्रेम की ऐसी मिसाल करार दिया, जो ताजमहल से भी बढ़कर है। रजा ने कहा कि हमने किसी तरह बाथरूम का दरवाजा खोला और अंदर जो देखा, उसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।
मैंने अपने करियर में कई शव देखे हैं, लेकिन वहां के मंजर ने मुझे झकझोर कर रख दिया। रजा के मुताबिक, हाल में एक चिकित्सीय प्रक्रिया से गुजरी महिला टॉयलेट सीट पर, जबकि उसका पति बगल में एक कुर्सी पर बैठा हुआ था।
उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे को पकड़े हुए थे। उन्होंने एक-दूसरे को बाहों में लपेट रखा था। महिला का सिर उसके पति के कंधे पर टिका हुआ था। रजा के अनुसार बचावकर्मियों ने तुरंत दंपती की नब्ज जांची और सीपीआर सहित अन्य जीवनरक्षक उपाय देने की कोशिश की। लेकिन दोनों ने कोई हरकत नहीं की।
घटनास्थल के दृश्य को देखकर लग रहा था कि जिंदगी के अंतिम पलों में भी दंपती ने एक-दूसरे की बाहों में सुकून तलाशने की कोशिश की। रजा ने कहा कि जब मौत करीब नजर आ रही थी, तो दोनों ने एक-दूसरे की बाहों में उसका सामना करने का फैसला किया। यह एक ऐसा दृश्य था, जो मेरे जहन में हमेशा रहेगा।
चालक दंपती को जानते थे
होटल के पास रहने वाले स्थानीय कैब संचालक इकरार ने बताया कि इलाके के कई चालक दंपती को जानते थे, क्योंकि दोनों का इलाज के सिलसिले में अक्सर होटल से अस्पताल आना-जाना होता था। इकरार ने कहा कि वह आईवीएफ की प्रक्रिया से गुजर रहे थे। इलाके के चालक अक्सर उन्हें अस्पताल ले जाते और वापस लाते थे। वे परिवार बढ़ाने की उम्मीद से यहां आए थे।