दिल्ली एसिड अटैक की कहानी एक तीर से कई शिकार करने के लिए रची गई। छात्रा के पिता ने इसकी पटकथा लिखी। दो मामलों को प्रभावित करने के लिए जितेंद्र, ईशान और अरमान का नाम लिया। 2018 में ईशान और अरमान की मां पर अकील ने एसिड डलवाया था।
दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मी बाई कॉलेज के पास डीयू की 20 वर्षीय छात्रा पर एसिड अटैक की कहानी झूठी निकलने के बाद कई हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। एसिड अटैक की पटकथा छात्रा के पिता अकील खान ने लिखी और अपनी लिखी कहानी को निर्देशित भी किया। तेजाबी हमले के जरिये वह अपने ऊपर चल रहे दोनों मुकदमों में सामने वाले पक्ष को फंसाना चाहता था।
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वर्ष 2018 में प्रॉपर्टी विवाद में अकील ने अपने साले शम्सुद्दीन से शबनम नामक महिला पर तेजाब डलवा दिया था। इसका केस आज भी अकील और उसके साले पर चल रहा है। एसिड अटैक के दौरान छात्रा ने जानबूझकर उस केस में दबाव बनाने के लिए शबनम के बेटे ईशान और अरमान का नाम लिया।
जितेंद्र की पत्नी ने अकील के खिलाफ दुष्कर्म करने की शिकायत भलस्वा डेयरी थाने में दी थी। शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए जितेंद्र का नाम लिया गया। एसिड अटैक वाले दिन ही भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कर लिया।
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बाद में सोमवार को अकील को भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। उसके मोबाइल की पड़ताल में जितेंद्र की पत्नी के 13 अश्लील वीडियो और 50 से अधिक फोटो मिले। आरोपी इनकी मदद से ब्लैकमेल कर वारदात को अंजाम दे रहा था।
तेजाबी हमले की झूठी कहानी रचने की बात स्वीकार की
पुलिस पूछताछ में अकील ने दोनों केस में उनके परिजनों को फंसाने के लिए तेजाबी हमले की झूठी कहानी रचने की बात स्वीकार की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसिड अटैक के मामले में झूठा केस बनाने समेत अन्य धाराएं जोड़ ली गई हैं।
भारत नगर थाना पुलिस अपने केस में अकील को बकायदा अरेस्ट करेगी। अकील के बाकी परिजनों की भूमिका का पता किया जा रहा है। डीयू की छात्रा से भी पूछताछ की जा रही है।
उसने भी अपने पिता के कहने पर ड्रामा करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने मंगलवार को अकील के भाई वकील खान और बेटे से भी पूछताछ की है। पुलिस तथ्यों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
घर से हल्का तेजाब और एक कुर्ती लेकर निकली थी छात्रा
पुलिस को पता चला है कि अकील ने अपने पर दुष्कर्म की शिकायत होने की बात परिजनों को बताई थी। जितेंद्र की पत्नी को मामला दर्ज कराने से रोकने के लिए कुछ करने की बात घर में हुई। तय हुआ कि अकील की बेटी खुद पर एसिड डालवाने का नाटक करेगी, जिसमें जितेंद्र का नाम लिया जाएगा।
पुराने मामले का जिक्र होने पर शबनम के बेटे ईशान और अरमान का नाम लेने पर भी विचार हुआ। योजना के तहत छात्रा ने एक बोतल में हल्का तेजाब लिया और बोतल पर्स में रख ली। छात्रा ने एक कुर्ती भी रख ली ताकि तेजाब गिरने से यदि उसके कपड़े जल जाएं तो वह बदल सके।
प्लानिंग के तहत छात्रा का भाई उसे स्कूटी से लेकर लक्ष्मी बाई कॉलेज के पास पहुंचा। कुछ दूरी पर उसने उसे छोड़ दिया जिसके बाद वह ई-रिक्शा में सवार हो गई। कॉलेज के पास पहुंचने पर वह ई-रिक्शा से उतर गई। सूनसान इलाके और जहां सीसीटीवी नहीं है वहां पर खुद ही तेजाब डालकर चिल्लाने लगी। अस्पताल में उसने जितेंद्र, ईशान और अरमान का नाम लिया लेकिन तफ्तीश में सारा राज खुल गया।
छात्रा के चाचा और भाई से हुई पूछताछ
भारत नगर थाना पुलिस ने डीयू की छात्रा के भाई व चाचा वकील खान से पूछताछ की। वकील ने बताया है कि उसके भाई अकील ने ही पूरी योजना बनाई थी। उसके मना करने के बावजूद अकील नहीं माना और झूठी कहानी रचकर अपनी मुसीबत बढ़ा ली। वकील ने बताया कि घटना वाले दिन उसके भाई ने एसिड अटैक के बाद कॉल करके बताया था कि काम हो गया है।
आबिद नामक रिश्तेदार की भूमिका की जांच...
पुलिस छात्रा के आबिद नामक एक रिश्तेदार की भूमिका की जांच कर रही है, इसे सोना के नाम से भी जाना जाता है। आरोप है कि आबिद ने घटना से पहले और बाद में छात्रा और उसके पिता दोनों से फोन पर बात की। आबिद को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। उससे पूछताछ करने के बाद ही पता चल पाएगा कि उसने दोनों को कॉल क्यों किया था।