फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MCD: दिल्ली में महापौर-उपमहापौर के नामों पर फैसला आज होने की उम्मीद, सबकी निगाहें सत्तारूढ़ भाजपा की बैठक पर

Wed, 22 Apr 2026 02:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

इस संबंध में एमसीडी में सत्तारूढ़ भाजपा की बुधवार को एक बैठक होगी। लिहाजा सभी की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। भाजपा ने इन पदों पर पार्षदों के नामों पर फैसला करने के लिए आठ सदस्यीय कमेटी बनाई है।
Register For Event
विज्ञापन
एमसीडी मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एमसीडी में महापौर, उपमहापौर और सदन से चुने जाने वाले स्थायी समिति के सदस्यों के नामों का फैसला बुधवार को होने की संभावना है। इस संबंध में एमसीडी में सत्तारूढ़ भाजपा की बुधवार को एक बैठक होगी। लिहाजा सभी की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। भाजपा ने इन पदों पर पार्षदों के नामों पर फैसला करने के लिए आठ सदस्यीय कमेटी बनाई है।

विज्ञापन


प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अगुवाई में बनाई गई कमेटी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद व प्रदेश महामंत्री योगेंद्र चांदोलिया व कमलजीत सहरावत और विष्णु मित्तल, प्रदेश सहप्रभारी अल्का गुर्जर और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा शामिल हैं। हालांकि इनमें कई नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए हैं। इस कारण वह विडियो एप के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे।

पार्टी इस बार संतुलन और अनुभव दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसपा लेने की तैयारी में है। महापौर और उपमहापौर जैसे अहम पदों के लिए वरिष्ठ पार्षदों के साथ-साथ पहली बार चुने गए पार्षद भी जोर-आजमाइश में लगे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से संभावित उम्मीदवार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के चक्कर काट रहे हैं और समर्थन जुटाने में जुटे हैं।
विज्ञापन


इस तरह भाजपा के भीतर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। एक ओर अनुभवी पार्षद अपनी दावेदारी को मजबूत बता रहे हैं, वहीं नए चेहरे भी संगठन में अपनी सक्रियता और प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती है कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो न केवल संगठन में संतुलन बनाए रखे, बल्कि एमसीडी के कामकाज को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।

सदन से चुने जाने वाले भाजपा कोटे के दो सदस्यों के पद को लेकर भी खासी दिलचस्पी बनी हुई है। इन पदों पर चयन के जरिए पार्टी संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें