दिल्ली के ताहिरपुर स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की नई इमरजेंसी सुविधा में सड़क हादसे में घायल एक मरीज के साथ आए लोगों पर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट करने, धमकी देने और अस्पताल की संपत्ति में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। अस्पताल प्रशासन ने घटना के संबंध में पुलिस से एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, घटना बृहस्पतिवार तड़के उस समय हुई, जब इमरजेंसी में भर्ती सड़क हादसे के मरीज पवन की इलाज के दौरान हालत बिगड़ गई। मरीज को सिर में अंदरूनी चोट के कारण 19 अगस्त को लोक नायक अस्पताल से जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया था। बाद में इस इमरजेंसी सुविधा को राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) में स्थानांतरित कर दिया गया।
बयान में कहा गया है कि मरीज को होश में लाने की कोशिश के दौरान उसके साथ आए लोग कथित तौर पर इकट्ठा हो गए और हंगामा करने लगे। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, भीड़ में शामिल लोगों ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को डराया-धमकाया और टूटे हुए शीशे तथा चाकू से उन पर हमला करने की कोशिश की।
अस्पताल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों के पास पिस्तौल थी। घटना के समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घटना के दौरान मरीज के साथ आए लोगों में से एक व्यक्ति टूटे हुए खिड़की के शीशे से घायल हो गया। स्टाफ पर कथित हमले के बावजूद उसका इलाज अस्पताल के सर्जरी इमरजेंसी वार्ड में किया गया। मरीज या उसके साथ आए लोगों की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
घटना की सूचना मिलने के बाद जीटीबी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इमरजेंसी सुविधा का निरीक्षण किया। अस्पताल में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए और डॉक्टरों तथा नर्सिंग अधिकारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में एफआईआर दर्ज करने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
प्रशासन के मुताबिक, घटना के बाद डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों में भय और सदमे का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल लोगों की पहचान समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।