दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 12.64 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 10.19, आवासीय इलाकों से 3.22, निर्माण गतिविधियों से 1.70 और कूड़ा जलाने से होने वाले प्रदूषण की 1.20 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली।
वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 143.3 और पीएम2.5 की मात्रा 97.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।