चमोली की वसुंधरा झील पर कड़ाके की ठंड के बीच आपदा से पहले चेतावनी देने वाला सिस्टम स्थापित करने की कवायद जारी है। माइनस 5 से माइनस 8 डिग्री तापमान में टीम ने झील के पास डेरा डाल रखा है और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही है।
चमोली जिले में स्थित वसुंधरा झील पर अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने में टीम जुटी हुई हैं। टीम ने वहीं पर कैंप किया हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वसुंधरा झील के निकट माइनस पांच से माइनस आठ तक तापमान है।
कठिन परिस्थितियों के बाद भी टीम वहां पर अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने का काम रही है। इस सिस्टम को सीबीआरआई ने विकसित किया है। टीम में वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान, एनडीआरएफ के सदस्य भी शामिल हैं। इससे झील के जलस्तर, तापमान, आर्द्रता, बारिश, हवा की गति आदि का पता रखा जाएगा। इसके अलावा बर्फ की गहराई, जल प्रवाह पर पर होने वाले बदलावों आदि पर नजर रखी जा सकेगी।