निगम की ओर से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज कराने पर होने वाले कुल अनुमानित खर्च का 70 प्रतिशत हिस्सा विभाग पहले ही दे देगा, ताकि कर्मचारी पर आर्थिक बोझ न पड़े। चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी अन्य पुरानी शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए संजीवनी साबित होगा, जिन्हें लीवर ट्रांसप्लांट या महंगी रोबोटिक सर्जरी जैसे आधुनिक तरीकों से इलाज की जरूरत होती है।