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उत्तराखंड : मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली रवाना, गृह मंत्री अमित शाह से मिले सीएम तीरथ

Sat, 05 Jun 2021 09:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की गृह मंत्री शाह शिष्टाचार भेंट में क्या चर्चा हुई, इस बारे में राज्य सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। रविवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की कोशिश रहेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात का समय मांगा है। रविवार को ही वह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मुलाकात करेंगे।

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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की गृह मंत्री शाह शिष्टाचार भेंट में क्या चर्चा हुई, इस बारे में राज्य सरकार की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। अलबत्ता सीएम खेमे और भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कोविड-19 महामारी के बारे गृह मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कोविड कर्फ्यू लागू होने के बाद राज्य में कोरोना संक्रमण में आई कमी की जानकारी भी दी। टीकाकरण, अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार और कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों के बारे में भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय को मेल भेजकर मुख्यमंत्री ने शिष्टाचार भेंट का समय मांगा है। पीएम से मुलाकात के साथ ही उनकी केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की तैयारी है। स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन से मुलाकात कर तीरथ कोरोना के टीके की खेप बढ़ाने व तीसरी लहर की तैयारियों में सहयोग की मांग करेंगे। जलशक्ति मंत्री से वह राज्य सरकार के लंबित प्रस्तावों को मंजूरी देने की मांग कर सकते हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी वह सीमांत क्षेत्र परियोजना में सहयोग की अपील कर सकते हैं।

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चुनौतियों से निपटने के लिए तीरथ ने खटखटाया केंद्र का दरवाजा

कोरोना की दूसरी लहर के कुछ हद तक शांत होने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिल्ली का रुख किया है। अगले तीन महीने में उनके सामने चुनौतियों का चक्रव्यूह है। इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए उन्हें मोदी और शाह के समर्थन की दरकार है। यही वजह है कि चुनौतियों से निपटने के लिए तीरथ केंद्र का दरवाजा खटखटाने के दिल्ली जा पहुंचे हैं।

पहले दिन उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट करने की ख्वाहिश है। इसके लिए उन्होंने समय भी मांग लिया है। सियासी जानकारों का मानना है कि अगले तीन महीनों में तीरथ चौतरफा चुनौतियों से जूझते नजर आएंगे।

पहली चुनौती : उनके सामने सबसे पहली चुनौती कोरोना की दूसरी लहर से उपजे हालातों को संभालने की है। उनकी सरकार पर चारधाम यात्रा खोलने का दबाव है। कोविड कर्फ्यू में ढील देने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
दूसरी चुनौती : दूसरी सबसे बड़ी चुनौती तीरथ के सामने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की है। बड़ी मात्रा में टीके की खेप न मिलने से सरकारी केंद्रों में टीकाकरण अभियान ठप है। विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है और वह राजभवन तक शिकायत कर आया है।
तीसरी चुनौती : मुख्यमंत्री के सामने तीसरी चुनौती मानसून की है। पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाएं आती हैं। 
चौथी चुनौती : मुख्यमंत्री के सामने चौथी चुनौती उनके उपचुनाव की है। सितंबर में मुख्यमंत्री के कार्यकाल के छह महीने पूरे हो रहे हैं। उन्हें उपचुनाव के लिए अपनी सीट भी तय करनी है। उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री चाहेंगे कि केंद्र सरकार राज्य की लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दे ताकि चुनाव से पहले सत्तारुढ़ दल की हवा बन सके।
पांचवीं चुनौती : पांचवीं और बड़ी चुनौती कोरोना की तीसरी लहर की है। इस चुनौती से निपटने के लिए हालांकि राज्य सरकार तैयारी कर रही है। लेकिन इसमें तीरथ केंद्र सरकार का मार्गदर्शन चाहते हैं ताकि तैयारियों को ज्यादा बेहतर बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा को शिष्टाचार भेंट के तौर पर देखा जाना चाहिए। वह मुख्यमंत्री बनने के बाद से केंद्रीय मंत्रियों से नहीं मिले थे। स्वाभाविक है कि केंद्रीय मंत्रियों से भेंट के दौरान राज्य के सरोकारों से जुड़े मसलों पर चर्चा करेंगे। 
- सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता 
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