एलोपैथी दवाओं पर विवादित बयान को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के पत्र के बाद बाबा रामदेव ने रविवार को अपने बयान पर खेद व्यक्त किया था। वहीं, सोमवार को उन्होंने फार्मा कंपनियों और आईएमए को खुला पत्र जारी किया।
पत्र में अलग-अलग बीमारियों के स्थायी इलाज से जुड़े 25 सवाल पूछे। बाबा रामदेव ने खुला पत्र अपने ट्वीटर एकाउंट पर जारी किया। जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
बता दें कि कोरोनाकाल में लंबे समय से बाबा रामदेव सुर्खियों में हैं। पतंजलि के कोरोनिल दवा से कोरोना मरीजों के इलाज के दावे के बाद बीते दिनों एलोपैथी दवाओं पर उनके विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था।
बयान पर आईएमए और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की कड़ी आलोचना के बाद बाबा रामदेव को बैकफुट पर आकर बयान वापस लेना पड़ा था। लेकिन सोमवार को फार्मा कंपनियों और आईएमए के नाम 25 सवालों का खुला पत्र जारी कर रामदेव फिर सुर्खियों में आ गए।