कार्रवाई से पहले संस्थानों को सुनवाई का मौका
संशोधन विधेयक में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ा प्रावधान भी स्पष्ट किया गया है। अधिनियम की धारा तीन की उपधारा एक के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए यदि किसी संस्थान में धार्मिक शिक्षा दी जाती है, तो प्राधिकरण दंडात्मक कार्रवाई या अर्थदंड लगाने से पहले संस्थान संचालक को सुनवाई का अवसर देगा। यानी प्राधिकरण सीधे दंड या जुर्माना लगाने के बजाय पहले संबंधित संस्थान का पक्ष सुनेगा। इसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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प्राधिकरण को अब धार्मिक शिक्षा के पाठ्यक्रम के लिए शिक्षा परिषद से अनुमोदन नहीं लेना होगा। इसके लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक में विद्यालयी शिक्षा परिषद से अनुमोदन की बाध्यता को खत्म करने का प्रावधान किया गया है। - डॉ.पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग