अब ऐसा नहीं होगा बल्कि एक क्लिक पर ही सारी जानकारी होगी। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जैसे ही सीसीटीएनएस पर अपलोड होगी यह जानकारी फॉरेंसिक लैब के पास भी पहुंच जाएगी। नमूनों का पुलिंदा फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा तो वहां पर एक क्यूआर कोड पर क्लिक कर लैब अधिकारी केस की जानकारी ले सकेंगे।
जांच की रिपोर्ट भी इस पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी। इससे अभियोजन भी ऑनलाइन देख सकेगा। यही नहीं कोर्ट में भी जब विचारण और एविडेंस के दौरान जांच का परिणाम देखा जा सकेगा। इससे अनावश्यक रूप से होने वाली भागदौड़ की बचत होगी और महीनों का काम सिमटकर कुछ दिनों में सिमट जाएगा।
उत्तराखंड की दोनों लैब में 24328 जांच ऑनलाइन
देश में इस ई-फॉरेंसिक 2.0 से कुल 105 ऑफिस यानी लैब जुड़ चुकी हैं। इनमें उत्तराखंड की भी दोनों लैब एकीकृत हो चुकी हैं। इसमें ई-फॉरेंसिक 2.0 पर राज्य की 24328 जांच ऑनलाइन हो चुकी हैं। इनमें देहरादून लैब की 17434 और रुद्रपुर की 6894 जांच ऑनलाइन दर्ज हैं।