फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: प्रदेश में ई-फॉरेंसिक 2.0 की शुरुआत, थाने से लेकर जेल तक सब एक प्लेटफॉर्म पर

Sun, 03 May 2026 11:05 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

यह प्रणाली इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के तहत विकसित की गई है। इसमें सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट, ई-प्रिजन, अभियोजन और फॉरेंसिक लैब को एकीकृत किया गया है।
Register For Event
विज्ञापन
ई-फॉरेंसिक 2.0 की शुरुआत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

थाने में प्राथमिकी दर्ज होते ही अब फॉरेंसिक लैब, अभियोजन विभाग, कोर्ट और जेल सब सक्रिय हो जाएंगे। प्रदेश में अब ई-फॉरेंसिक 2.0 की शुरुआत हो गई है। इससे थाने से लेकर कोर्ट और जेल तक सभी एक प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं। फॉरेंसिक जांच के परिणामों को कोर्ट में पहुंचने में महीनों का समय लगता था अब वह कुछ सप्ताह के भीतर सिर्फ एक क्लिक पर देखे जा सकेंगे। प्रदेश की दोनों लैब देहरादून और रुद्रपुर में शनिवार से इनकी औपचारिक शुरुआत कर दी गई है।

विज्ञापन


देहरादून में डायरेक्टर फॉरेंसिक लैब डॉ. नीलेश आनंद भरणे और रुद्रपुर में प्रभारी संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने इसकी शुरुआत की। डॉ. भरणे ने बताया कि यह प्रणाली इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के तहत विकसित की गई है। इसमें सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट, ई-प्रिजन, अभियोजन और फॉरेंसिक लैब को एकीकृत किया गया है।

पहले थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने लेने में वक्त लगता था। इसके बाद इन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा जाता था। वहां रिपोर्ट आने के बाद लैब से पत्राचार होता था। इसी तरह का पत्राचार कोर्ट और अभियोजन से किया जाता था। नमूनों की जांच भी डाक के माध्यम से जरूरी कार्यालयों में पहुंचती थी।

 

उत्तराखंड को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी: रामनगर-देहरादून के बीच नई रेल सेवा को मंजूरी, सांसद बलूनी ने था आग्रह

विज्ञापन
विज्ञापन

अब ऐसा नहीं होगा बल्कि एक क्लिक पर ही सारी जानकारी होगी। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जैसे ही सीसीटीएनएस पर अपलोड होगी यह जानकारी फॉरेंसिक लैब के पास भी पहुंच जाएगी। नमूनों का पुलिंदा फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा तो वहां पर एक क्यूआर कोड पर क्लिक कर लैब अधिकारी केस की जानकारी ले सकेंगे।

जांच की रिपोर्ट भी इस पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी। इससे अभियोजन भी ऑनलाइन देख सकेगा। यही नहीं कोर्ट में भी जब विचारण और एविडेंस के दौरान जांच का परिणाम देखा जा सकेगा। इससे अनावश्यक रूप से होने वाली भागदौड़ की बचत होगी और महीनों का काम सिमटकर कुछ दिनों में सिमट जाएगा।

उत्तराखंड की दोनों लैब में 24328 जांच ऑनलाइन
देश में इस ई-फॉरेंसिक 2.0 से कुल 105 ऑफिस यानी लैब जुड़ चुकी हैं। इनमें उत्तराखंड की भी दोनों लैब एकीकृत हो चुकी हैं। इसमें ई-फॉरेंसिक 2.0 पर राज्य की 24328 जांच ऑनलाइन हो चुकी हैं। इनमें देहरादून लैब की 17434 और रुद्रपुर की 6894 जांच ऑनलाइन दर्ज हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें