रोजाना निगरानी और रिपोर्टिंग
सभी जिला इकाइयों को आईएचआईपी प्लेटफॉर्म पर लू से संबंधित मामलों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। मरीज स्तर की जानकारी संकलित करने के साथ संदिग्ध मौतों की जांच और ऑडिट भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि डाटा की गुणवत्ता व समयबद्ध रिपोर्टिंग में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील वर्ग की विशेष निगरानी
विभाग ने शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों को सबसे अधिक जोखिम वाला वर्ग बताया गया है। इन समूहों के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी गई है। गर्मी के दौरान होने वाले सामूहिक आयोजनों और खेल गतिविधियों के लिए भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। दोपहर के समय बाहरी कार्यक्रमों से बचने के साथ बड़े आयोजनों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, ओआरएस व आइस बॉक्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
प्रदेश सरकार भीषण गर्मी में लू की चुनौती को लेकर गंभीर है। लू के कारण होने वाली बीमारी से मरीजों की मौत को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है और सभी जिलों से रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है।
-सचिन कुर्वे, स्वास्थ्य सचिव