अल्मोड़ा में कम घटनाएं
अल्मोड़ा वन प्रभाग में इस बार केवल दो वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं। यह प्रभाग सामान्यतः जंगल की आग के प्रति खासा संवेदनशील रहता है। इस प्रभाग में शीतलाखेत मॉडल को शुरू किया गया था। इस मॉडल के कारण घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
वनाग्नि के कारण और अध्ययन
मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक के अनुसार, वनाग्नि का एक बड़ा कारण मानवजनित भी होता है। गढ़वाल मंडल में पर्यटकों की अधिक संख्या लापरवाही से आग लगने का कारण बन सकती है। यहां के ढालदार पहाड़ों पर आग फैलने पर उसे बुझाने में अधिक समय लगता है, जिससे आग बढ़ जाती है। कुमाऊं मंडल में वनाग्नि की घटनाओं में कमी के कारणों का अध्ययन फायर सीजन के बाद होगा। बेहतर उपायों को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है।