अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सरकार राज्य के बुग्यालों को संरक्षित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें संबंधित हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। यह कदम बुग्यालों के संरक्षण और पर्यटन गतिविधियों के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
राज्य में गुरसों, दयारा और बेदनी जैसे कई प्रसिद्ध बुग्याल हैं। इनमें पहले रात्रि प्रवास पर प्रतिबंध लगा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद यह प्रतिबंध हटा दिया गया है। अब शासन बुग्यालों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और अन्य गतिविधियों के लिए एसओपी तैयार करने पर विचार कर रहा है। इससे बुग्यालों में होने वाली गतिविधियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। इससे सभी हितधारकों के दायित्व भी निर्धारित हो जाएंगे। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने बताया कि बुग्याल बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन्हें किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतिबंध हटने से अब बुग्यालों में गतिविधियां संचालित हो सकेंगी।