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Uttarkashi: पहाड़ियों पर चढ़कर मोबाइल नेटवर्क ढूंढ रहे लोग, जान जोखिम में डाल हाईवे खोलने में जुटे हैं मजदूर

Wed, 10 Sep 2025 12:22 PM IST
रेनू सकलानी दिनेश रावत, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)

सार

उत्तरकाशी जिले में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। करीब 17 दिनों से जंगलचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और विभाग की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 
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पहाड़ी पर पहुंचे लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुनोत्री धाम और आसपास के गांव में संचार सुविधा पिछले नौ दिन से बंद होने की वजह से ग्रामीण और वहां रह रहे मजदूर पहाड़ियों पर जाकर मोबाइल नेटवर्क ढूंढ रहे हैं। तब जाकर वह मोबाइल से बात कर पा रहे हैं। दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर नासूर बने सिलाई बैंड और जंगलचट्टी के पास एनएच के मजदूर जान जोखिम में डाल कमर पर रस्सियों को बांधकर झूलते हुए चट्टानी बोल्डरों को बाहर फेंक कर हाईवे खोलने का प्रयास कर रहे हैं।

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इसमें नीचे यमुना नदी में गिरने और ऊपर से बोल्डर आने का खतरा बना हुआ है। करीब 17 दिनों से जंगलचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और विभाग की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। हनुमान चट्टी के पास हाईवे बंद के कारण चार किमी वैकल्पिक पैदल मार्ग पर 25 लीटर डीजल आदि की 1000 रुपये मजदूरी देकर नारद चट्टी तक पोकलेन आदि मशीनों के लिए पहुंचाया जा रहा है।

आपदा प्रभावित बनास गांव निवासी और नौगांव ब्लाक प्रमुख सरोज पंवार ने कहा कि जिला प्रशासन, राजमार्ग निर्माण खंड हाईवे खोलने को लेकर प्रयासरत हैं। विपरीत परिस्थितियों के चलते मार्ग खोलने में दिक्कत आ रही है। साथ ही सामान्य दिनों में बड़कोट से जानकीचट्टी तक 150 रुपये टैक्सी का किराया है लेकिन यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह बाधित रहने के कारण क्षेत्र के लोगों को कई किमी पैदल चलने के बाद भी जानकीचट्टी, हनुमान चट्टी, राना चट्टी, सिलाई बैंड तक 100 से 250 अधिक किराया देकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
 

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कई जगहों पर सड़क खोल दी गई
यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन व भू-धंसाव के कारण सिलाई बैंड, स्याना चट्टी, राना चट्टी, बाडिया गांव के नीचे, हनुमान चट्टी के पास जंगल चट्टी, नारद चट्टी फूलचट्टी आदि क्षेत्रों में बाधित है। जिसको खोलने के प्रयास किए जा रहे हैंं। हालांकि कई जगहों पर सड़क खोल दी गई, अब चटख धूप के दौरान चट्टानी मलबा व पत्थरों के आने से सरकारी सिस्टम के लिए चुनौती बनती जा रही है। जिसका खामियाजा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं चारधाम यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित होने से लोगों की आर्थिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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हाईवे खोलने में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। मशीन आपरेटरों के लिए नारद चट्टी के पास बनास गांव में रात्रि में ठहरने व 20 से अधिक लोगों की व्यवस्था राना चट्टी में की गई है, ताकि हाईवे खोलने में लेटलतीफी न हो। कई जगहों पर बारिश के साथ धूप में भी में मलबा व पत्थरों के आने से दिक्कत हो रही है। - मनोज रावत, ईई एनएच

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