आपदा के एक वर्ष बाद भी नदी किनारे बस्तियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। नींव की खुदाई में नदी का पानी भरने लगा है। ऐसे में यहां काम करने में दिक्कत हो रही है।
पिछले वर्ष जून माह में आई बाढ़ और भूस्खलन से सुमाड़ी, तिलवाड़ा, सिल्ली, सौरगढ़, विजयनगर, अगस्त्यमुनि, चाका, गंगानगर, जवाहरनगर, बनियाड़ी, पुराना देवल, सौड़ी, चंद्रापुरी, गबनीगांव, भटवाड़ी सुनार, कालीमठ, सोनप्रयाग, सीतापुर, गौरीकुंड सहित कई गांवों में मंदाकिनी नदी ने कहर बरपाया था।
सैकड़ों नाली खेती, भवन और सड़क बाढ़ में बह गए। सिंचाई विभाग ने अब काम शुरू तो किया, लेकिन इस बीच सिल्ली और विजयनगर में घरों तक नदी का पानी पहुंच गया है।