प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाए गए गौराघाटी-रंगेऊ-बरोंथा मोटर मार्ग की घटिया गुणवत्ता की शिकायतों के बाद प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को 15 दिनों के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने 10 दिसंबर को मोटर मार्ग के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत उत्तराखंड जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़ से की थी। इसके बाद 17 दिसंबर को क्वांसी में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी के समक्ष मामला उठाया। मुख्य विकास अधिकारी ने पत्र जारी कर एसडीएम चकराता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग चकराता व अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड विकासनगर को जांच समिति में नामित किया है। ग्राम पंचायत रंगेऊ के पूर्व प्रधान पिंगू वर्मा ने आरोप लगाया कि मोटर मार्ग के निर्माण में सरकारी मानकों की अनदेखी की गई है। सड़क की चौड़ाई कम रखी गई है और डामरीकरण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। स्थिति यह है कि गांव तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक सामान लाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।