पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने क्रिकेटर हमजा नजर पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। 27 वर्षीय नजर को वीजा आवेदन के दौरान पूरी और सही जानकारी नहीं देने, भ्रामक विवरण साझा करने तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का दोषी पाया गया। उन पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपये (लगभग 3.42 लाख रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया है।
तीन सदस्यीय समिति ने की जांच
पीसीबी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। नजर को समिति के सामने अपना पक्ष रखने और आरोपों पर सफाई देने का पूरा अवसर दिया गया। उनके बचाव को सुनने के बाद समिति ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया और अपनी रिपोर्ट तथा सिफारिशें बोर्ड को सौंप दीं। इसके बाद पीसीबी ने नजर को सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गतिविधियों से दो साल के लिए प्रतिबंधित करने का फैसला किया। साथ ही उन पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पीसीबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'गलत जानकारी देना, तथ्यों का खुलासा नहीं करना और भ्रामक जानकारी जमा करने से जुड़े मामलों को पीसीबी बेहद गंभीरता से लेता है। ऐसा आचरण पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े व्यक्तियों से अपेक्षित ईमानदारी, पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी के मानकों के अनुरूप नहीं है।' बोर्ड ने आगे कहा कि वह किसी भी व्यक्ति को बोर्ड, पाकिस्तान क्रिकेट या उन लाखों प्रशंसकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगा, जो इस खेल को पसंद करते हैं।
हाल में सीनियर टीम के कैंप में हुए थे शामिल
हमजा नजर के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले महीने ही उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज की तैयारियों के लिए लाहौर में लगाए गए पाकिस्तान के रेड-बॉल ट्रेनिंग कैंप में शामिल किया गया था। नजर ने इस साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की थी। उन्होंने प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में घनी ग्लास की ओर से खान रिसर्च लेबोरेटरीज के खिलाफ मैच खेला था।
41 घरेलू मैचों में 1005 रन और 47 विकेट
नजर ने 2014 में सियालकोट स्टैलियंस के लिए बहावलपुर स्टैग्स के खिलाफ कायदे-आजम ट्रॉफी सिल्वर लीग मुकाबले से पेशेवर क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अब तक 16 प्रथम श्रेणी, 15 लिस्ट-ए और 10 टी20 मुकाबले खेले हैं। कुल 41 घरेलू मैचों में नजर के नाम 1005 रन और 47 विकेट दर्ज हैं। प्रतिबंध के कारण अब उन्हें अगले दो वर्षों तक पाकिस्तान की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गतिविधियों से दूर रहना होगा।