गुजरात के सामने डटे रहे कोहली
लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी के लिए कोहली के साथ वेंकटेश अय्यर पारी की शुरुआत करने उतरे। वेंकटेश इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे थे। इन दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से खेलना शुरू किया और गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। वेंकटेश और कोहली के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई, लेकिन पांचवें ओवर में मोहम्मद सिराज ने वेंकटेश को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। वेंकटेश 16 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद देवदत्त पडिक्कल (1), कप्तान रजत पाटीदार (15) और क्रुणाल पांड्या (1) के विकेट गंवाए। आरसीबी ने 91 के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे और लग रहा था कि यहां से गुजरात मैच फंसा सकती है, लेकिन सामने कोहली खड़े थे और उन्होंने गुजरात के गेंदबाजों का बेहतरीन तरीके से सामना किया।
रोहित-गेल की बराबरी पर पहुंचे कोहली
- कोहली ने टिम डेविड के साथ मिलकर पारी आगे बढ़ाई और 25 गेंदों पर अपना पचासा पूरा किया।
- कोहली का आईपीएल में यह सबसे तेज अर्धशतक है।
- इससे पहले उन्होंने 2018 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 26 गेंदों पर पचासा लगाया था।
- कोहली आईपीएल फाइनल में सबसे कम गेंदों पर अर्धशतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बने।
- उन्होंने रोहित शर्मा और क्रिस गेल की भी बराबरी की जिन्होंने आईपीएल फाइनल में 25 गेंदों पर ही अर्धशतक लगाया था।
- रोहित ने 2015 में सीएसके के खिलाफ और गेल ने 2016 में हैदराबाद के खिलाफ ऐसा किया था।
- आईपीएल फाइनल में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सुरेश रैना, डेविड वॉर्नर और वेंकटेश अय्यर के नाम है।
- इन तीनों ही बल्लेबाजों ने 24-24 गेंदों पर ऐसा किया है।
आरसीबी
- फोटो : IPL
कैच को लेकर भिड़े कोहली
कोहली और डेविड के बीच पांचवें विकेट के लिए 31 गेंदों पर 41 रनों की साझेदारी हुई। अरशद खान ने डेविड को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा जो 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 24 रन बनाकर आउट हुए। कोहली इसके बाद भी अपनी पारी आगे बढ़ाते रहे। 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर कोहली ने अरशद खान की गेंद को हवा में खेला, लेकिन गिल ने शॉर्ट मिडऑफ पर कैच लपका। अंपायर ने आउट दिया, लेकिन कोहली को यकीन था कि गेंद मैदान से छू गई है। कोहली आक्रामक अंदाज में आगे बढ़े और उन्होंने तीसरे अंपायर के पास जाने की मांग की। पहले मैदानी अंपायर उनसे बात करने पहुंचे। कोहली इस दौरान गुस्से में नजर आए और उन्होंने गिल से भी कहा कि गेंद मैदान को छू चूकी है।
अंत में अंपायर ने तीसरे अंपायर के पास जाने का फैसला लिया। वीडियो में दिखा की गिल ने कैच पकड़ी, लेकिन गेंद मैदान को छू गई थी। इस तरह कोहली नॉटआउट करार दिए गए। कोहली अंत तक टिके रहे और उन्होंने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 42 गेंदों पर नौ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 75 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि जितेश शर्मा 11 रन बनाकर नाबाद लौटे। गुजरात के लिए राशिद खान ने दो विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और अरशद खान को एक-एक विकेट मिला।
गुजरात की बल्लेबाजी रही फ्लॉप
इससे पहले, आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, लेकिन गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के मददगार मानी जाती है, लेकिन गुजरात के बल्लेबाज इस पिच पर संघर्ष करते नजर आए। सिर्फ वाशिंगटन सुंदर ही बड़ी पारी खेल सके जिन्होंने खुद को मिले जीवनदान का फायदा उठाया और अर्धशतक लगाने में सफल रहे।
साई सुदर्शन-शुभमन गिल
- फोटो : IANS
100 से भी कम स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौटी
गुजरात की बल्लेबाजी इस कदर खराब रही कि टीम के आधे बल्लेबाज 100 से भी कम के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। गुजरात का शीर्ष क्रम उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है, लेकिन इस मैच में शीर्ष तीन बल्लेबाज फ्लॉप साबित रहे। हालांकि, फाइनल में जोस बटलर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे क्योंकि तीसरे नंबर पर निशांत सिद्धू बल्लेबाजी के लिए आए थे। गुजरात को जोश हेजलवुड ने कप्तान शुभमन गिल को आउट कर पहला झटका दिया जो 10 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पावरप्ले में ही टीम ने साई सुदर्शन का विकेट गंवाया जिन्हें भुवनेश्वर कुमार ने अपना शिकार बनाया। सुदर्शन 12 रन ही बना सके। फिर निशांत सिंद्धू (20), जोस बटलर (19) और अरशद खान (15) रन बनाकर पवेलियन लौटे।
कॉक्स ने दिया सुंदर को जीवनदान
गुजरात के लिए राहत की बात यह रही कि वाशिंगटन सुंदर को जीवनदान मिला। 10वें ओवर में जैकब डफी की गेंद पर सुंदर ने शॉट लगाया। बाउंड्री पर सबस्टीट्यूट प्लेयर के तौर पर मैदान पर मौजूद रहे कॉक्स थे। उन्होंने भागकर कैच पकड़ा, लेकिन गेंद मैदान से छू गई। सुंदर तो पवेलियन की ओर भी लौट गए थे, लेकिन तीसरे अंपायर ने नॉटआउट दिया। सुंदर उस वक्त चार रन ही बना सके थे। सुंदर ने इसका फायदा उठाया और अर्धशतक लगाने में सफल रहे। सुंदर 37 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 50 रन बनाकर नाबाद रहे। सुंदर गुजरात के लिए चौथे या इससे निचले स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने तीन बार ऐसा किया है। उनके अलावा डेविड मिलर और हार्दिक पांड्या ने भी तीन-तीन बार 50+ स्कोर बनाया है।
40 गेंदों पर लगी पहली बाउंड्री
गुजरात की पारी कितनी धीमी रही इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 40 गेंदों के बाद टीम की ओर से पहली बाउंड्री आई। आईपीएल फाइनल में सबसे ज्यादा गेंदों के अंतराल के बाद बाउंड्री लगी है। इससे पहले, डेक्कन चार्जर्स और आरसीबी के बीच 2009 के फाइनल में 35 गेंदों के बाद पहली बाउंड्री लगी थी। गुजरात की पारी की बात करें तो गुजरात ने पावरप्ले में 7.5 रन प्रति ओवर से बल्लेबाजी की और छह ओवर के बाद टीम का स्कोर दो विकेट पर 45 रन था। वहीं, 7-15 ओवर के बीच टीम ने 6.66 रन प्रति ओवर बनाए। इस दौरान टीम ने 60 रन बनाए और तीन विकेट गंवाए। डैथ ओवर यानी 16-20 ओवरों में टीम ने गियर बदला और 10 रन प्रति ओवर से 50 रन बनाए और तीन विकेट गंवाए।
पारी में लगे सिर्फ तीन छक्के
गुजरात की पारी में सिर्फ तीन छक्के लगे जिसमें से दो छक्के अरशद खान ने लगाए और एक राशिद खान ने लगाया। दिलचस्प बात यह है कि गुजरात का पहला छक्का 13वें ओवर में आया पहला छक्का जब अरशद खान ने क्रुणाल पांड्या की चौथी गेंद को छक्के के लिए भेजा। इसके अलावा गुजरात की पारी में 15 ही चौके लगे। गुजरात के चार बल्लेबाज तो दहाई अंक तक ही नहीं पहुंच सके। आरसीबी की ओर से रासिख सलाम डार ने तीन विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड को दो-दो विकेट मिले। वहीं, क्रुणाल पांड्या को एक विकेट मिला।