सूर्यकुमार ने बयां किया पाकिस्तान से फाइनल का दबाव
सूर्यकुमार ने कहा, 'उस मैच (एशिया कप फाइनल) के बारे में सोचकर ही मेरी धड़कनें तेज हो गई हैं। मुझे यकीन है कि जब हम वो मैच देख रहे थे, तो हर कोई यही सोच रहा होगा, मैं ड्रेसिंग रूम में बैठकर देख रहा था। घर पर टीवी पर भी सबकी धड़कनें तेज हो गई होंगी। मैं आउट हो चुका था और अब मैं सिर्फ देख सकता था। मैंने एक कोच से पूछा भी कि मुझे ऐसा लगा रहा है तो आप लोगों को कैसे लग रहा होगा? मैं तो अंदर जाकर बाहर आता रहता हूं। कोच ने बोला कि खिलाड़ियों और ड्रेसिंग रूप को रिलैक्स रखना ही तो हमारा काम है ताकि आप लोग मैदान पर जाकर खुलकर खेल सको।'