फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या पौधे भी सुनते हैं संगीत की धुन?: मधुर धुनों से बढ़ती है वृद्धि या यह सिर्फ एक मिथक; जानें रोचक बातें

Thu, 15 Oct 2026 07:18 AM IST
शिवम गर्ग लिली व्हीलहान

सार

अगर संगीत इन्सानों का मूड बदल सकता है, तो क्या पौधों पर भी धुनों का कोई असर होता है? यह दिलचस्प सवाल दशकों से वैज्ञानिकों को उलझाए हुए है।
Register For Event
विज्ञापन
पौधे भी सुनते हैं संगीत की धुन? - फोटो : अमर उजाला प्रिन्ट/एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जब हम संगीत सुनते हैं, तो हमारा मूड बेहतर हो सकता है। पर, क्या पौधों पर भी संगीत का ऐसा ही असर पड़ता है? क्या मधुर धुनें उनकी वृद्धि बढ़ाती हैं और तेज संगीत उन्हें नुकसान पहुंचाता है? यह सवाल पिछले करीब 70 वर्षों से वैज्ञानिकों को आकर्षित करता रहा है। यहां तक कि पौधों के लिए खास एल्बम भी बनाए गए हैं। इनमें 1976 में रिलीज हुआ मदर अर्थ्स प्लांटेशिया सबसे चर्चित एल्बमों में से एक है। लेकिन, संगीत और पौधों की बढ़त के बीच संबंधों को लेकर विज्ञान क्या कहता है?

विज्ञापन


इस बहस को लोकप्रिय बनाने में डोरोथी रेटालैक की 1973 में प्रकाशित किताब द साउंड ऑफ म्यूजिक एंड प्लांट्स की अहम भूमिका रही। इसमें उन्होंने दावा किया है कि रॉक संगीत पौधों को नुकसान पहुंचाता है, जबकि शास्त्रीय संगीत उनकी वृद्धि में मदद करता है। हालांकि, उनके निष्कर्षों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा नहीं हुई थी और शोध के तरीके भी वैज्ञानिक मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। बावजूद इसके, संगीत का पौधों पर असर पड़ने का विचार लोकप्रिय हो गया। बाद के वर्षों में भी इस पर कई शोध हुए, पर उनमें से कुछ में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण, सही सांख्यिकीय विश्लेषण और जरूरी जानकारियों का अभाव था।

पौधों और संगीत के संबंध को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि ध्वनि वास्तव में क्या है। भौतिकी के अनुसार, ध्वनि दबाव की तरंगें हैं, जो अपने आसपास के वातावरण में कंपन पैदा करती हैं। शोध बताते हैं कि ध्वनि तरंगें पौधों की पत्तियों और उनकी अन्य संरचनाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं। कुछ प्रयोगों में पौधों ने स्पीकर से सुनाई गई बहते पानी की आवाज की दिशा में बढ़ने की प्रतिक्रिया दिखाई। वहीं, इन्सानों की बनाई कुछ आवाजों का पौधों की सेहत पर नकारात्मक असर भी सामने आया है। इससे संकेत मिलता है कि पौधे ध्वनि के प्रति प्रतिक्रिया कर सकते हैं, भले ही वे उसे मनुष्यों की तरह सुनते न हों। संभव है कि कुछ खास ध्वनि तरंगें और कंपन पौधों की वृद्धि को प्रभावित करें। पर, इसका अर्थ यह नहीं कि वे शास्त्रीय संगीत पसंद करते हैं और रॉक संगीत से नफरत। इस दावे के समर्थन में फिलहाल ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए, किसी एक तरह की ध्वनि का असर सभी पौधों पर समान हो, यह जरूरी नहीं है।
विज्ञापन


निष्कर्ष यही है कि पौधे संगीत का आनंद लेते हैं या नहीं, यह सवाल अभी अनसुलझा है। हालांकि, ध्वनि के प्रति उनकी प्रतिक्रिया वैज्ञानिक शोध का दिलचस्प विषय जरूर है। -द कन्वर्सेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें