राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी समृद्धि यात्रा रद्द करने की मांग की है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कहा है कि, "मुख्यमंत्री जी, यात्रा स्थगित करिए, आंखें खोलिए और देखिए कि कैसे आपके शासन में लगभग रोज बेटियां बलात्कारियों की शिकार बन रही हैं। राजधानी पटना में बेटियों की हत्या का सिलसिला बारंबार जारी है।" रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि पटना के एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल, जहां एक नाबालिग (15) छात्रा के साथ भी वही हुआ जो नीट की छात्रा के साथ हुआ है।
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क्या है पूरा मामला?
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा पटना के एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बीते 6 जनवरी को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने आत्महत्या नहीं किया है। गांधी मैदान थाने में दी गई शिकायत में हॉस्टल इंचार्ज, छात्रा की एक सहेली और दो युवकों समेत कई अन्य पर साजिश के तहत हत्या करने का संगीन आरोप लगाया गया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि रसूखदारों के दबाव में पुलिस और प्रशासन इस मामले को सुसाइड बताकर रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि या अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या लिखा रोहिणी ने
रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा है- 'मुख्यमंत्री जी .. यात्रा स्थगित करिए .. आँखें खोलिए और देखिए कि कैसे आपके शासन में लगभग रोज बेटियां बन रहीं बलात्कारियों की शिकार , कैसे जारी है राजधानी पटना में बेटियों की हत्या का सिलसिला बारम्बार .. चंद दिनों पहले ही शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की घृणित घटना से बिहार की अस्मिता हुई थी दागदार , अब परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल की घटना से फिर से बिहार हुआ जार - जार ... सवाल आपके लिए ही है मुख्यमंत्री जी " क्या माँ - बहन - बेटियों के रहने लिए अब तनिक भी सुरक्षित नहीं रहा माता जानकी का मायका - जन्मभूमि कहे जाने वाला हमारा बिहार ? ".. जिस शासन - व्यवस्था में बिना क़ानून - पुलिस - प्रशासन के खौफ के निरंतर बेटियां नोचीं जाएं , दरिंदगी - हैवानियत की शिकार हो मारी जाएं ... उस शासन - व्यवस्था व् शासक को धिक्कार .. सिर्फ और सिर्फ धिक्कार ...'