झज्जर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक वर्ष में 165 स्थानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 13 प्रतिशत से अधिक यानी 22 सैंपल फेल पाए गए। इनमें दूध, पनीर और मोमोज जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे, जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह आंकड़ा 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक का है। विभाग ने संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इन मामलों में जुर्माने का निर्णय एडीसी कोर्ट में लिया जाता है।
15 दुकानों के पास लाइसेंस नहीं मिला
जांच के दौरान 15 ऐसी दुकानें भी मिलीं, जो बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थीं। इन पर नियमों का उल्लंघन करते हुए खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे। विभाग ने ऐसी दुकानों को बंद करवा दिया है।
जांच बढ़ाने की जरूरत
लोगों का कहना है कि शहर की सभी दुकानों की नियमित जांच और सैंपलिंग जरूरी है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिल सके। विशेषकर नामी दुकानों की भी जांच होनी चाहिए, जहां अधिकतर लोग भरोसा करके भोजन करते हैं।
वर्जन
विभाग द्वारा समय-समय पर सैंपलिंग की जाती है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। हमारा प्रयास है कि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिले।
— डॉ. राजेश वर्मा, फूड सेफ्टी ऑफिसर