राज्य शासन की मंशा और बस्तर शांति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जिला सुकमा पुलिस को साल 2025 में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा, विकास और जन-विश्वास की त्रि-आयामी रणनीति के चलते जिले में नक्सल गतिविधियों के ढांचे को गहरी क्षति पहुंची है। कई दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासनिक उपस्थिति सुदृढ़ हुई है।
पुलिस विभाग द्वारा जारी वार्षिक उपलब्धि प्रतिवेदन के अनुसार साल 2025 के दौरान नक्सल उन्मूलन अभियान में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में कुल 12 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किए गए। इन सुरक्षा कैंपों के माध्यम से नक्सलियों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगा है, साथ ही शासन की विकास योजनाओं के लिए जमीनी स्तर पर रास्ता प्रशस्त हुआ है।
मुठभेड़ों में प्रभावी कार्रवाई
विभिन्न अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों और माओवादी संगठनों के बीच हुई मुठभेड़ों में 44 हार्डकोर नक्सलियों को निष्प्रभावी किया गया। इसे नक्सली संगठन की सशस्त्र क्षमता पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
गिरफ्तारी और नेटवर्क ध्वस्त
सटीक सूचना तंत्र और घेराबंदी अभियानों के चलते 169 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इन कार्रवाइयों से नक्सलियों के शहरी संपर्क, रसद आपूर्ति और सहयोगी नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
आत्मसमर्पण और पुनर्वास
सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर वर्ष 2025 में 273 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह आंकड़ा नक्सली संगठनों की घटती वैचारिक पकड़ और पुलिस-प्रशासन के प्रति बढ़ते जन-विश्वास को दर्शाता है।