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SECR News: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 'कवच' प्रणाली SIL-4 का सफल ट्रायल, जानें क्या है इस सिस्टम की खासियत

Sat, 25 Jul 2026 09:56 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

SECR News: Indain railways News; भारतीय रेलवे ने ट्रेन हादसों को रोकने के लिये आत्याधुनिक स्वदेशी सिस्टम तैयार किया है। इससे ट्रेन परिचालन को नई दिशा मिली है। भारतीय रेलवे की स्वदेशी अत्याधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' का दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में सफल परीक्षण किया गया।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
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SECR News: Indain railways News; भारतीय रेलवे ने ट्रेन हादसों को रोकने के लिये आत्याधुनिक स्वदेशी सिस्टम तैयार किया है। इससे ट्रेन परिचालन को नई दिशा मिली है। भारतीय रेलवे की स्वदेशी अत्याधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' का दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल में सफल परीक्षण किया गया। इसके तहत कलमना-सालवा (25 किलोमीटर) रेल ट्रैक पर दोपहर तीन बजे से साढ़े पांच बजे तक यानी डेढ़ घंटे तक एसआईएल-4 कवच ट्रायल ब्रेकिंग मोड ऑन में पूरी तरह से कामयाब रहा। इस ट्रायल के दौरान कवच प्रणाली की विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
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इस ट्रायल के दौरान सिग्नल आस्पेक्ट की पहचान, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, ऑटोमैटिक स्पीड कंट्रोल और आपातकालीन एसओएस सिस्टम का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह से संतोषजनक रहा।

क्या-क्या करता है कवच प्रणाली
बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में लोको पायलट लाल सिग्नल मिलने पर खुद ही ब्रेक लगाता है। यदि किसी कारणवश लोको पायलट समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता है, तो कवच प्रणाली खुद ही सिग्नल की स्थिति पता कर  स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देती है, जिससे ट्रेन सुरक्षित और आसानी से रुक जाती है । इस सिस्टम के विकसित होने से सिग्नल पास्ड एट डेंजर जैसी घटनाओं की संभावना को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है।
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जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम
ऑटोमैटिक स्पीड कंट्रोल के दौरान यह देखा गया कि रेल ट्रैक और यार्डों में तय गति पालन सुनिश्चित रहे। यदि लोको पायलट तय सीमा में ट्रेन की रफ्तार कम नहीं कर पाता, तो कवच प्रणाली खुद ही ट्रेन की गति को निर्धारित सीमा के भीतर ला देती है।  
ताकि ट्रेन को लेकर कोई दिक्कत न हो।

आपातकालीन एसओएस सुविधा का परीक्षण स्टेशन और लोको दोनों स्तरों पर किया गया। यदि लोको पायलट रेलवे लाइन में किसी असामान्य या आपात स्थिति को देखता है, तो वह तुरंत एसओएस अलर्ट जारी कर सकता है। यह अलर्ट पास के स्टेशनों और आस-पास संचालित लोकोमोटिवों तक पहुंच जाता है, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर संबंधित ट्रेनों में स्वचालित ब्रेकिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस प्रकार यदि स्टेशन मास्टर किसी इसरजेंसी का पता लगाता है, तो वह भी आपातकालीन अलर्ट जारी कर सकता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

क्या है कवच?
'कवच'  सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि ट्रेन, ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम के बीच लगातार संवाद करने वाला एक इंटेलिजेंट सेफ्टी नेटवर्क है। इसका मुख्य उद्देश्य रेल संचालन को पूरी तरह ‘फेल-सेफ’ बनाना है, ताकि किसी भी स्तर पर मानव त्रुटि होने पर सिस्टम खुद ही हस्तक्षेप कर दुर्घटना को टाल सके।'कवच' भारतीय रेल की ओर से विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन संरक्षा प्रणाली है, जो सिग्नल उल्लंघन की रोकथाम, गति नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित कर रेल संचालन को अधिक संरक्षित, विश्वसनीय एवं तकनीक-संचालित बना रही है।

फैक्ट फाइल
  • कवच करता है सिग्नल आस्पेक्ट की पहचान
  • ऑटोमैटिक ब्रेकिंग
  • ऑटोमैटिक स्पीड कंट्रोल
  • इमरजेंसी एसओएस सिस्टम पर फोकस
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ये रहे मौजूद
ट्रायल के दौरान लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, लोको इंस्पेक्टर, उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना), नागपुर और सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना) उपस्थित रहे।


 
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