छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आज मंगलवार को मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों के भार साधक सचिवों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने, योजनाओं की लगातार निगरानी करने और लंबित प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से जुड़े सभी प्रकरण उनकी सेवानिवृत्ति से पहले ही तैयार कर निराकृत किए जाएं। इसके लिए विभागवार सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सूची नियमित रूप से तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने विभागों में खाली पदों और बैकलॉग पदों की जानकारी तैयार कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि किसी भी स्तर पर काम में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन और ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अब तक 728 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने इन सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी जोर दिया।
उन्होंने आई-गॉट के अंतर्गत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने और विभाग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों और विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार हो सके।
बैठक में विभागीय सुधारों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को रिफॉर्म से संबंधित जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में रिफॉर्म उत्सव अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके लिए विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी निगरानी और बेहतर समन्वय जरूरी है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा वित्त, स्वास्थ्य, ऊर्जा, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण, राजस्व, खाद्य, पर्यटन एवं संस्कृति, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, सूचना प्रौद्योगिकी, श्रम, परिवहन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आर्थिक एवं सांख्यिकी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।