Raipur IGKV Paper Leak: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी का पेपर लीक होने की सूचना पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
Raipur IGKV Paper Leak: छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी का पेपर लीक होने की सूचना पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।
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मामले की जानकारी पर मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम विष्णुदेव साय और मंत्री नेताम के निर्देश पर मामले में एफआईआर की गई है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ तेलीबांधा थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 4, 5 और 10 और BNS की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: मंत्री रामविचार नेताम
मामले में मंत्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना काफी गंभीर है। इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होगा। उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है। निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द तय की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी समय पर इसकी सूचना जारी की जायेगी।
क्या था मामला
बता दें कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मिल गई थी। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए साढ़े दस बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होता है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।