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महासमुंद: जिला पंचायत की बैठक में हंगामा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव, 8 सूत्री ज्ञापन

Fri, 03 Jul 2026 07:35 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, महासमुंद

सार

जनप्रतिनिधियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर तानाशाही रवैया अपनाने और उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। पिछली सामान्य सभा बैठक 26 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी।
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जनप्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महासमुंद जिला पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने शुक्रवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आईएएस हेमंत नंदनवार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। सामान्य सभा समिति की बैठक में हंगामे के बाद जिला पंचायत के सदस्य एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री और कलेक्टर को 8 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।

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जनप्रतिनिधियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर तानाशाही रवैया अपनाने और उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। पिछली सामान्य सभा बैठक 26 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी। लगभग छह माह बाद शुक्रवार को बैठक बुलाई गई, जिसमें सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैठक के बाद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। ज्ञापन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र और असहयोगपूर्ण व्यवहार का आरोप है। जिले के सभी जनपद पंचायत अध्यक्ष भी जनप्रतिनिधियों के समर्थन में मौजूद रहे।

आरोपों की लंबी सूची
सामान्य सभा और सामान्य प्रशासन समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही हैं। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती है। आवंटित राशि और स्वीकृत कार्यों का पूरा विवरण भी सदस्यों को नहीं दिया जाता है। पूर्ण हो चुके कार्यों के अंतिम भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जाता है। 15वें वित्त आयोग वर्ष 2025-26 की राशि के प्रशासनिक अनुमोदन में देरी हुई है। वर्ष 2024-25 की शेष राशि के उपयोग में भी निष्क्रियता बरती गई है।
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जांच और कार्रवाई की मांग
विभागीय समन्वय की कमी और अभिलेखों में पारदर्शिता का अभाव भी गंभीर आरोप हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों और शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं किया जाता है। इन सभी बिंदुओं पर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उचित कार्रवाई से जिला पंचायत का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।

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