डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बीती रात कवर्धा से रायपुर जाते समय बेमेतरा के पास अचानक रुककर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की सरप्राइज चेकिंग की। उन्होंने खुद पीड़ित बनकर मारपीट व दुर्घटना की शिकायत दर्ज कराई और टीम के पहुंचने के बाद वाहन की आधुनिक सुविधाओं, जीपीएस, एआई लोकेशन ट्रैकिंग व रिस्पॉन्स टाइम की बारीकी से जांच की।
बीती देर रात कवर्धा से रायपुर जाते समय उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बेमेतरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के खुद पीड़ित बनकर डायल-112 पर फोन किया। उन्होंने मारपीट और सड़क दुर्घटना की शिकायत दर्ज कराई।
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फोन करने के बाद वे पास के एक ढाबे के समीप रुककर पुलिस दल के पहुंचने का इंतजार करते रहे। कुछ ही समय में डायल-112 का दल मौके पर पहुंच गया। दल की त्वरित प्रतिक्रिया देखकर विजय शर्मा ने मौके पर ही वाहन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाहन में मौजूद आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संचार प्रणाली और प्रतिक्रिया तंत्र की भी जांच की। आपात स्थिति में पुलिस की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने अधिकारियों से फोन प्राप्त होने के बाद दल को अलर्ट मिलने, लोकेशन ट्रैकिंग और मौके तक पहुंचने के औसत समय के बारे में पूछा। उप-मुख्यमंत्री ने वाहन में लगे जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लोकेशन पहचान तकनीक की भी जांच की। उन्होंने हेल्पलाइन सहायता प्रणाली का भी जायजा लिया।
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अधिकारियों को निर्देश
विजय शर्मा ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को संकट की स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता मिलनी चाहिए। प्रतिक्रिया समय में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
नेक्स्ट जेन डायल-112 की शुरुआत
18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में 400 नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाई थी। ये वाहन सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए गए। नई तकनीक से लैस ये वाहन पुलिस सहायता, एम्बुलेंस और अग्निशमन सेवा को एकीकृत करते हैं। इनमें महिला हेल्पलाइन भी शामिल है। सरकार का दावा है कि इससे आपातकालीन सेवाओं का प्रतिक्रिया समय और तेज होगा।