जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर जिला प्रशासन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में एक जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। जिला परिवहन अधिकारी आनंद शर्मा ने दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत किए। वर्ष 2025 में जिले में 166 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 94 लोगों की मृत्यु हुई और 193 लोग घायल हुए। वहीं, वर्ष 2026 में 27 जून तक 98 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 63 लोगों की मौत और 85 लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बेहतर समन्वय पर बल दिया। सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के लिए कहा गया। सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। इन स्थानों पर गति सीमा संबंधी बोर्ड, चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। दिशा सूचक और अन्य आवश्यक यातायात संकेतक भी प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किए जाएंगे। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए। क्षतिग्रस्त संकेतकों की मरम्मत और सड़क सुरक्षा संबंधी अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और परिवहन संघों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने के लिए भी लगातार जागरूक किया जाएगा। सभी विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया। समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। इसका उद्देश्य नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनाना है।