लोक निर्माण विभाग के अनुसार, सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें छोटी-बड़ी दुकानें और कुछ मकान शामिल हैं। प्रभावित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
बालोद जिला मुख्यालय बनने के लगभग 12 वर्षों बाद बालोद शहर में पहली बार डिवाइडर युक्त व्यवस्थित सड़क का निर्माण होने जा रहा है। बढ़ते यातायात और शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
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1.85 किमी लंबी सड़क का निर्माण
यह सड़क मिनीमाता चौक से मधुचौक तक 1.85 किलोमीटर की लंबाई में बनाई जाएगी। सड़क के बीच में डिवाइडर का निर्माण होगा, जो बालोद शहर का पहला डिवाइडर होगा। यह परियोजना शहर में यातायात को व्यवस्थित करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें छोटी-बड़ी दुकानें और कुछ मकान शामिल हैं। प्रभावित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। विभाग ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए लगभग 5.5 मीटर चौड़ाई तक का क्षेत्र उपयोग किया जाएगा।
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शहर में यातायात और अतिक्रमण की समस्या
जिला मुख्यालय बनने के बाद बालोद में लोगों का आवागमन और यातायात काफी बढ़ गया है। इससे सड़कों पर दबाव बढ़ा है, और अवैध अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं। इस सड़क के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि शहर की सौंदर्यता और व्यवस्थित स्वरूप में भी सुधार होगा।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
शहरवासियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर युक्त सड़क से यातायात जाम की समस्या कम होगी और शहर का विकास होगा। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने के नोटिस को लेकर चिंता जताई है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि यह परियोजना जल्द शुरू होगी, और इसके पूरा होने पर बालोद शहर को एक नया और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा।