ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बहाल
- फोटो : अमर उजाला
अवैध अफीम की खेती के मामले में निलंबित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को बहाल कर दिया गया है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे।जिसके बाद कलेक्टर ने निलंबित कर दिया था। लेकिन अब संभागीय संयुक्त संचालक कृषि ने उन्हें बहाल कर दिया है।
दरअसल दुर्ग जिले के समोदा गांव में 6 मार्च को अवैध अफीम का पुलिस ने खुलासा किया था। पुलिस ने 8 करोड़ का अफीम के पौधे जप्त किए थे। जिसके बाद अफीम की खेती के मामले में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को कलेक्टर ने 13 मार्च को निलंबित किया था। जानकारी के अनुसार जिस खेत पर अफीम की खेती की गई थी उस खेत में कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मक्के की फसल बता रहे थे।इस गंभीर लापरवाही के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू भी शामिल थी।
11 मार्च को जारी नोटिस में कलेक्टर ने पांच बिंदुओं पर दो दिनों के अंदर जवाब मांगा था।सबसे बड़ी गड़बड़ी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू के कार्य में सामने आई है। दस्तावेजों की जांच से पता चला कि भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के उस खेत को मक्का फसल का प्रदर्शन प्लाट बताया था। लेकिन मक्का की खेती के बजाय उपयुक्त खेत में धान की खेती हो रही थी। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू द्वारा प्रदर्शन प्लाट का स्थान बदल दिया गया और राज्य शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी हासिल कर ली गई। नियम के अनुसार प्रदर्शन प्लाट पर उसी किसान की फोटो लगानी होती है जिसे सरकारी लाभ मिलना है।लेकिन यहां धान की फोटो की जगह मक्के के खेत में कृषक के स्थान पर किसी दूसरे किसान को खड़ा करके फोटो खींच ली गई। जिस मक्के की फोटो रिपोर्ट में लगाई गई थी। और ठीक उसके पीछे ही अफीम की खेती फल-फूल रही थी।
वहीं निलंबन के बाद सुनवाई के दौरान प्रशिक्षण की कमी,संसाधनों का अभाव और अफीम की फसल की पहचान न कर पाने जैसे तकनीकी कमियों के चलते संभागीय संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग संभाग के निर्देश और चर्चा के बाद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को बहाली का आदेश जारी किया गया।बहाली के बाद एकता साहू को विकासखण्ड-धमधा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के अधीन पदस्थ किया गया है।निलंबन अवधि और भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय कलेक्टर दुर्ग द्वारा की जाने वाली विभागीय जांच के बाद लिया जाएगा।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के निलंबन की कार्यवाही के बाद बहाली करने की मांग को लेकरजिले भर के 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि निलंबन की यह कार्रवाई पूरी तरह से तर्कहीन और अनुचित है। उन्होंने कहा कि जब तक निलंबित अधिकारी एकता साहू को बहाल नहीं किया जाता है तब तक वे अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल किए थे।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बहाल