भाटापारा जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तहसील सिमगा के ग्राम खिलोरा में बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को हटाते हुए बुलडोजर चलाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।
ग्रामीणों की शिकायत पर त्वरित एक्शन
सिमगा एसडीएम अंशुल वर्मा ने जानकारी दी कि ग्रामीणों द्वारा राइस मिलर रौनक अग्रवाल के खिलाफ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई थी। जांच में पाया गया कि तिल्दा निवासी मिलर द्वारा खरीदी गई निजी भूमि के साथ-साथ शासकीय भूमि पर भी अतिक्रमण किया जा रहा था। तहसीलदार सिमगा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल नाप-जोख कर अवैध निर्माण को हटवाया।
मारपीट के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
इसी प्रकरण से जुड़ी एक अन्य घटना में एक अप्रैल की रात एक ग्रामीण के साथ मारपीट की गई। रिपोर्ट के अनुसार, डांस प्रतियोगिता से लौट रहे युवक को शत्रुघन नवरंगे नामक व्यक्ति ने धमकाकर स्कूटी में बैठाया और अपने घर ले जाकर देवनारायण साहू के साथ मिलकर उसे गालियां दीं और लाठी-डंडा व जूतों से पीटा। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों शत्रुघन नवरंगे (31) और देवनारायण साहू (44) निवासी ग्राम खिलोरा को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य आरोपी राइस मिलर रौनक अग्रवाल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप
सूत्रों की मानें तो पुलिस द्वारा राइस मिलर को जानबूझकर फरार बताया जा रहा है और उसे संरक्षण दिया जा रहा है। घटना के छह दिन बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि तीसरा और मुख्य आरोपी कहां है? स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है और वे निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती, लेकिन पुलिस की भूमिका पर सवाल
जहां एक ओर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अवैध कब्जा हटाया, वहीं पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी कर पाते हैं या नहीं।