पंजाब के मालवा में कांग्रेस की एक भी सीट नहीं है। साल 2017 में इस क्षेत्र में 40 सीटें जीतने वाली कांग्रेस एक सीट पर सिमट गई थी, उपचुनाव में वो भी गंवा दी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी यहीं से चुनावी हुंकार भरेंगे।
पंजाब का सबसे बड़ा इलाका मालवा, 15 जिले, 65 विधानसभा क्षेत्र और सूबे की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु। जाहिर है हर विधानसभा चुनाव के दौरान मालवा सभी राजनीतिक दलों के लिए मुख्य फोकस एरिया की श्रेणी में शुमार रहता है।
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पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और सभी दलों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। शिरोमणि अकाली दल की रैलियों का दौर शुरू हो चुका है और 28 फरवरी को कांग्रेस भी राहुल गांधी की रैली के साथ चुनावी प्रचार का आगाज करने जा रही है।
राहुल की रैली के लिए सियासी रणनीति के तहत मालवा क्षेत्र को चुना गया है। इस क्षेत्र के बरनाला में जिले में यह रैली होगी, क्योंकि यह जिला मालवा का
केंद्र है। पार्टी सूत्रों के अनुसार रैली में करीब एक लाख लोगों की भीड़ एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए सभी जिलों में समन्वयकों व प्रभारियों की नियुक्ति हो गई हैं, जो रैली को सफल बनाने के लिए स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं संग बैठकें कर रहे हैं। राजपुरा के पूर्व विधायक हरदयाल सिंह काम्बोज को रैली का इंचार्ज नियुक्त किया गया है।
मालवा में सिमटी कांग्रेस
साल 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने कुल 117 सीटों में से 77 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इनमें से 40 सीटें मालवा के विभिन्न जिलों से थीं। मालवा बेल्ट में बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, फिरोजपुर, लुधियाना, मानसा, मोगा, मोहाली, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, रूपनगर, संगरूर व मलेरकोटला जिले शामिल हैं।
साल 2022 में आम आदमी पार्टी की आंधी के आगे कांग्रेस टिक नहीं पाई और 1 सीट (गिद्दड़बाहा) तक सिमट गई। यह सीट प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की थी। साल 2024 में उन्होंने लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ा, तो यह सीट छोड़नी पड़ी थी। यहां से पत्नी को चुनाव लड़वाया मगर वे हार गईं। लिहाजा यहां कांग्रेस के लिए पूरी तरह सूखा हो गया।
मान और बादल दोनों मालवा से
अमूमन यह कहा जाता है कि पंजाब में सीएम मालवा क्षेत्र से ही निकलता है। मौजूदा सीएम भगवंत सिंह मान संगरूर से एमपी थे और अब धुरी से विधायक हैं। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल भी श्री मुक्तसर साहिब से थे।
उनके बेटे व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी इसी क्षेत्र से हैं। मौजूदा सीएम के अलावा आप के तीन मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर सिंह गोयल व अमन अरोड़ा और आप के सांसद मीत हेयर भी इसी क्षेत्र से आते हैं।
सूखा खत्म करना चाहती है कांग्रेस
कांग्रेस मालवा से अपना सूखा खत्म करना चाहती है। इसलिए राहुल गांधी यही से चुनाव हुंकार भरेंगे। मनरेगा के संशोधन बिल और अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील पर केंद्र सरकार को घेरते हुए मजदूरों और किसानों को साधेंगे।
शिरोमणि अकाली दल को घेरेंगे जबकि आप सरकार में बढ़े रहे गैंगस्टरवार, नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों समेत अन्य मुद्दों पर आप सरकार पर भी निशाना साधेंगे। वरिष्ठ कांग्रेसियों को लगता है कि साल 2027 में कांग्रेस इस क्षेत्र में अपना खोया जनाधार वापस पाएगी।
राहुल गांधी की रैली संबंधित तैयारियां जोरों पर हैं। वे खुद संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब और बरनाला में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की बैठक ले चुके हैं। पंजाबी लोग आप सरकार के कार्यकाल और उनकी नीतियों से खुश नहीं है। वे वापस कांग्रेस का कार्यकाल चाहते हैं। इस रैली से पंजाब में कांग्रेस का चुनावी प्रचार अभियान शुरू हो जाएगा।-अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रदेशाध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस