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Punjab Budget: शिक्षा के साथ सेहत का ध्यान, स्कूलों को मिलेंगे मैनेजर, दो जिलों में खुलेंगे ट्रॉमा सेंटर

Fri, 10 Mar 2023 08:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानाचार्य अकादमी, सिंगापुर में 36 प्रधानाचार्यों/ शिक्षा अधिकारियों के पहले बैच को पांच दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया और 30 प्रधानाचार्यों का एक और बैच इस महीने में भेजा जा चुका है। आप सरकार सरकारी शिक्षकों को नवीनतम प्रशिक्षण देना जारी रखेगी।
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Punjab Budget 2023: - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बजट में शिक्षा और सेहत का खास ध्यान रखा है। दोनों के बजट में क्रमश: 12 और 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को सदन में बजट पेश करते हुए शिक्षा के लिए 17,072 करोड़ के बजट आवंटन का एलान किया। वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4,781 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा, जबकि स्वास्थ्य शिक्षा के लिए अलग से 1,015 करोड़ रुपये आवंटित किया। 

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खास बात यह है कि स्कूलों में एस्टेट मैनेजर की तैनाती की जाएगी जिससे शिक्षक केवल शैक्षणिक कार्य ही कर सकेंगे। वहीं, सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, राजेंद्रा अस्पताल पटियाला में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है। साथ ही सरकार बरनाला के ठीकरीवाला में एक नया नर्सिंग कॉलेज खोलने जा रही है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गुणवत्ता और परिणाम आधारित शिक्षा को किसी भी समाज का स्तंभ मानती है। हम सिर्फ क्लास रूम बनाने, ब्लैक बोर्ड और फर्नीचर खरीदने पर ध्यान नहीं देंगे। शिक्षण के तरीके को बदलेंगे। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान शिक्षण एवं गैर शिक्षण कैडर के हजारों ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी। 

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राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में दिसंबर 2022 में मेगा-पैरेंट टीचर मीट (पीटीएम) का आयोजन किया गया था। इसमें 19 लाख अभिभावकों की उपस्थिति रही और तीन लाख अभिभावकों से प्रतिक्रिया ली गई। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले बजट भाषण में किए गए वादे के अनुसार स्कूलों के रखरखाव और सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए ‘एस्टेट मैनेजर’ के पद के निर्माण के लिए विधिवत नीति तैयार की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 99 करोड़ रुपये का आवंटन स्कूलों की बुनियादी सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित है ताकि शिक्षक अपना ध्यान केवल शिक्षा पर केंद्रित कर सकें।

शिक्षकों/स्कूल प्रमुखों के लिए कौशल उन्नयन कार्यक्रम
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानाचार्य अकादमी, सिंगापुर में 36 प्रधानाचार्यों/ शिक्षा अधिकारियों के पहले बैच को पांच दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया और 30 प्रधानाचार्यों का एक और बैच इस महीने में भेजा जा चुका है। आप सरकार सरकारी शिक्षकों को नवीनतम प्रशिक्षण देना जारी रखेगी। इस उद्देश्य के लिए मान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 20 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा है। 

स्कूल ऑफ एमिनेंस के लिए 200 करोड़ रुपये 
पंजाब में 117 स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में उन्नत (अपग्रेड) करने के लिए चिह्नित किया गया है। इन स्कूलों में से जिला अमृतसर के चार स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का काम शुरू हो चुका है। इन्हें हब एंड स्पोक मॉडल पर संचालित किया जा रहा है। 

क्लस्टर के अन्य स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस से जोड़ा जाएगा। इन स्कूलों में प्रशिक्षित फैकल्टी, खेल और अन्य पाठ्येतर गतिविधियां, कॅरिअर परामर्श और छात्रों के समग्र विकास के लिए सभी गतिविधियां एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इस वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट का प्रस्ताव रखा गया है। 

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए 78 करोड़ 
वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान मान सरकार ने पिछले वर्षों से रुकी हुई 140 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि, ओबीसी छात्रों और अनुसूचित जाति के छात्रों को जारी की। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में ओबीसी छात्रों और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए क्रमशः 18 करोड़ रुपये और 60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखता हूं।

पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर प्रोग्राम प्रोग्राम के लिए 30 करोड़ 
छात्रों के बीच वित्तीय और नेतृत्व कौशल विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर प्रोग्राम के तहत सरकार 11वीं के छात्रों को उनके व्यावसायिक विचारों को प्रस्तावित करने हेतु प्रति छात्र 2000 रुपये की दर से सीड मनी देकर सहायता प्रदान करती है। इस वर्ष इस स्टार्टअप के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। 

इन मदों पर इतना बजट होगा खर्च 
सरकारी स्कूलों में रूफ-टॉप सोलर पैनल सिस्टम की स्थापना: 100 करोड़ 
सरकारी स्कूलों में चहारदीवारी सहित बुनियादी ढांचे का उन्नयन: 324 करोड़
16.35 लाख छात्रों के लिए मिड डे मील उपलब्ध कराना: 456 करोड़
समग्र शिक्षा अभियान के तहत: 1,425 करोड़ रुपये
प्री-प्राइमरी कक्षा के छात्रों को वर्दी का प्रावधान: 25 करोड़ 
नि:शुल्क पुस्तकें, मरम्मत एवं रख-रखाव: 90 करोड़

रोजगार के लिए कोचिंग
सरकार ने इस वित्त वर्ष में रोजगार, सॉफ्ट स्किल और कम्यूनिकेशन ट्रेनिंग के लिए व्यावसायिक कोचिंग का प्रस्ताव रखा है, जिस के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में उचित आवंटन किया जाएगा। इन योजनाओं के तहत सरकारी कालेजों में समर्पित रोजगारपरक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना करके छात्रों को व्यावसायिक आधार पर कोचिंग प्रदान की जाएगी। 

बुनियादी ढांचे के लिए 68 करोड़ 
राज्य में 11 नए कॉलेजों के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। राज्य के सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के विकास, बुनियादी ढांचे में सुधार तथा पुस्तकालयों के निर्माण के लिए 68 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। 
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राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 116 करोड़ 
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के चरण-2 के तहत राज्य सरकार वित्त वर्ष 2023-24 में 70 करोड़ रुपये की लागत से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में गुणवत्ता और उत्कुष्टता बढ़ाने के लिए छह केंद्र स्थापित करेगी। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर और पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला द्वारा विदेशी विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के साथ साझेदारी में उद्यमिता हब स्थापित किए जा रहे हैं जो सामाजिक और औद्योगिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान परियोजनाओं और पेटेंट के प्रकाशन में मदद करेंगे। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस उद्देश्य के लिए 116 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है।

उर्दू अकादमी मलेरकोटला को 2 करोड़ 
सरकार राज्य की पारंपरिक भाषाओं के प्रयोग को समर्थन और प्रोत्साहन देना जारी रखेगी। उर्दू अकादमी मलेरकोटला के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। 

तकनीकी शिक्षा के लिए 615 करोड़ 
राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों के लिए 615 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। इससे राज्य को समृद्ध होने में मदद मिलेगी क्योंकि प्रगति और विकास के लिए पर्याप्त तकनीकी विशेषज्ञता महत्वपूर्ण है। 13 साल के अंतराल के बाद 2009 से बंद कन्या राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, रोपड़ को वर्ष 2022 में फिर से खोल दिया गया है। सरकार वित्तीय वर्ष 2023-24 से इस कॉलेज को को-एजुकेशन कॉलेज के तौर पर चलाने की संभावना पर भी विचार कर रही है।
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