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नदी संवरेगी या सिमटेगा प्रवाह: दिल्ली में 52 किलोमीटर लंबे रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की तैयारी, कई सवाल

Thu, 22 Oct 2026 06:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा संतोष कुमार, नई दिल्ली

सार

हालांकि, इस परियोजना के सामने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का 13 जनवरी 2015 का आदेश एक अहम कसौटी है।
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विस्तार
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दिल्ली में यमुना के तटों को संवारने के लिए 52 किलोमीटर लंबे रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की तैयारी है। हालांकि, इस परियोजना के सामने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का 13 जनवरी 2015 का आदेश एक अहम कसौटी है। विशेषज्ञों ने परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नदी के किनारों का विकास और उसकी पारिस्थितिकी बहाल करना दो अलग-अलग विषय हैं। केवल सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने से यमुना की सेहत नहीं सुधरेगी।

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विशेषज्ञों के मुताबिक, नदी की स्थिति सुधारने के लिए उसमें प्रदूषित पानी गिरने से रोकना, पर्याप्त जल प्रवाह बनाए रखना और प्राकृतिक स्वरूप बहाल करना जरूरी है। यमुना का सक्रिय बाढ़ क्षेत्र केवल खाली जमीन नहीं, बल्कि नदी की पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बाढ़ के पानी को फैलने की जगह देने, भूजल पुनर्भरण, नमभूमियों के संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि अतिक्रमण से पहले ही सिकुड़ चुके बाढ़ क्षेत्र में अतिरिक्त निर्माण से नदी के प्रवाह के लिए उपलब्ध जगह और कम हो सकती है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ पारिस्थितिकी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जल संरक्षण विशेषज्ञों ने साबरमती नदी के रिवर फ्रंट मॉडल को यमुना पर लागू करने की उपयुक्तता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दोनों नदियों की प्रकृति और जल प्रवाह में अंतर है, इसलिए यमुना के लिए अलग दृष्टिकोण जरूरी है।
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विशेषज्ञों ने यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे प्रकृति आधारित समाधानों को प्राथमिकता देने की वकालत की है। उनके अनुसार, परियोजना की सफलता का आकलन निर्माण, हरित पट्टी और सार्वजनिक सुविधाओं के बजाय नदी की सेहत में वास्तविक सुधार के आधार पर होना चाहिए।

बोले जानकार...
 जरूरत इस बात की है कि नदी में गंदा पानी न आए और यमुनोत्री से निकलने वाला स्वच्छ जल दिल्ली तक पहुंचे। 
- राजेंद्र सिंह, जलपुरुष और संस्थापक तरुण भारत संघ

देश में जहां-जहां रिवर फ्रंट बने, वहां नदियों की सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उलटे, बाढ़ क्षेत्र पर कब्जे की समस्या बढ़ी।
- संजय सिंह, राष्ट्रीय संयोजक जल जन जोड़ो अभियान

यमुना पुनरुद्धार... 43 परियोजनाओं का लोकार्पण आज
दिल्ली में यमुना नदी के पुनरुद्धार और उससे जुड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। सुबह 10:30 बजे दिल्ली के श्याम विहार में यूईआर-दो (यूईआर-II) फेज-एक में वह एक कार्यक्रम में दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 

परियोजनाओं में चंद्रावल में 477 एमएलडी क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र भी शामिल है। 298.3 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 1935 और 1955 में बने पुराने संयंत्रों की जगह लेगी और करीब 22 लाख लोगों को सेवा देगी। वहीं, 225.02 करोड़ रुपये की लागत से मुंडका में 4.5 किलोमीटर लंबा ट्रंक ड्रेन बनाया जाएगा।

इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से सीवेज को यमुना में पहुंचने से रोकना, शोधन क्षमता बढ़ाना और राजधानी में सीवर नेटवर्क का विस्तार करना है।

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