फलक को जिद है जहां बिजलियां गिराने की, हमें भी जिद है वहीं आशियां बनाने की...सोनम वांगचुग के सुनाए इस शेर ने मंगलवार को नजरिया कार्यक्रम के चारों वक्ताओं के जीवन, कर्म और उनके वक्तव्य का सार समेट दिया। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा पीजीआई के भार्गव आडिटोरियम में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम ‘नजरिया, जो जीवन बदल दे’ में सोनम वांगचुग, आनंद मलिगावद, मोटीवेशनल स्पीकर विवेक अत्रे और फिल्म निर्माता संजय राउतरे ने ट्राईसिटी के युवाओं, एंटरप्रेन्योर, महिलाओं और बच्चों को नई लीक बनाने के हौसले वाले अनुभवों से सराबोर कर दिया।
चंडीगढ़ के पीजीआई आडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर आए पंजाब के पीडब्लूडी और शिक्षा विभाग के मंत्री विजय इंदर सिंगला, पंजाब के मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल मौजूद रहे। सोनम वांगचुग ने अपने जीवन की यात्रा के उदाहरणों से मौजूदा शिक्षा नीति पर बेहद रोचक ढंग से तीखी चोट की। इस मौके पर बंगलूरू की गायब होती झीलों को एक बेजोड़ तरीके से नया जीवन देने वाले आनंद मलिगावद ने कहा कि यदि कोई प्रकृति को समझकर और उससे जुड़कर बदलाव लाना चाहे तो उसके लिए यह असंभव नहीं है।
फिल्म निर्माता संजय राउतरे ने कहा कि जब उन्होंने अपनी शुरुआत की तो उस समय लोगों ने आलोचना की, कईयों ने तो हताश करते हुए यह तक कहा कि आप हमको पैसा दें हम उसको डबल करके देंगे पर आज बदलाव सामने है। आनंद मलिगावद ने कहा कि उनको झील से बचपन से प्यार था। झील, गांव की मिट्टी और ग्रामीणों के साथ जीने से मिली समझ ने ही गांव के इस गंवार को देश दुनिया में जाकर झीलों को नया जीवन देने की तकनीक बताने वाला बना दिया।
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कैप्टन बोले, नजरिया बदल देगा नजरिया
पंजाब के पीडब्लूडी और शिक्षा विभाग के मंत्री विजय इंदर सिंगला ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा भेजे गए संदेश को पढ़ा, जिसमें कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन के नजरिया प्रोग्राम को बेहतरीन शुरुआत बताते हुए कहा कि यदि कोई सही दिशा में कार्य कर रहा है तो उसके लिए मुश्किलें खुद ब खुद आसान हो जाती हैं।
कैप्टन ने अपने ट्वीट में कहा कि वास्तव में यह एक लीक से हटकर प्रयास है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कई क्रांतिकारी और रचनात्मक बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि वास्तव में नजरिया के माध्यम से अमर उजाला ऐसे सफल और लीक से हटकर जीने वाले लोगों को सामने ला रहा है जो कि आम जनता और युवाओं को भविष्य में एक नए बदलाव की ओर ले जाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संदेश में कहा कि उन्होनें थ्री इडियट्स मूवी देखी थी और उसके साथ ही उन्होंने शिक्षा में कई बदलाव भी किए। उन्होंने लिखा था कि इसके बाद जब वह सत्ता में आए तो उस दौरान उन्होंने पंजाब के स्कूलों को स्मार्टर बना दिया।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि अध्यापकों द्वारा पढ़ाने के सिस्टम में भी बदलाव किया गया और उसका नतीजा है कि अब कई अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
शहरवासी बोले- नई ऊर्जा के साथ मिली भाषा और प्रकृति के सम्मान की सीख
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘नजरिया जो जीवन बदल दे’ कार्यक्रम में पहुंचे दर्शकों के लिए मंगलवार की शाम यादगार बन गई। ट्राइसिटी वासियों की सोच को एक नया नजरिया देने वाले इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद लोगों के चेहरे खिले हुए थे। उत्साह और चेहरे पर सुकून था। यह तय है कि जो लोग कार्यक्रम में आए थे, वे अब लीक से हटकर सोचने का प्रयास करेंगे और जिंदगी की चुनौतियों को सकारात्मक रूप में लेकर सफलता के नए आयाम तय करेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद स्टूडेंट्स और शहरवासियों की राय जानने के लिए उनसे बातचीत की गई। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने भाषा और प्रकृति से प्रेम करने का जो नजरिया देखा-सुना वह अद्भुत रहा, वहीं जीवन में चुनौतियों से निपटकर सफलता के शिखर को छूने के अहसास को भी बखूबी महसूस किया। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम बेहद ऊर्जा देने वाला रहा। पेश हैं लोगों से बातचीत के अंश।
पूरा कार्यक्रम ही मेरे जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाला रहा। सभी वक्ताओं ने कुछ न कुछ सिखाया लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चीज जो यहां से सीखी, वह यह है कि पहले हमें अपनी मातृभाषा और संस्कृति का सम्मान करना होगा। अपनी मातृभाषा से जुड़कर ही हम पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।
नामग्याल, स्टूडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी
आनंद मलिगावद ने मुझे काफी प्रभावित किया। हमें सिर्फ पानी और झील ही बचाने की जरूरत नहीं है। हमें प्रकृति के हर उपहार को सहेजकर रखने और उसका सम्मान करने की जरूरत है। हमें पूरे पर्यावरण को बचाने की जरूरत है। अगर हमने ये नहीं किया तो इसका खामियाजा हम सब को भुगतना पडे़गा।
- आशई रफ्तान, स्टूडेंट खालसा कालेज
हमारे पूरे सिस्टम का ढांचा ही बदलने वाला है। जैसा कि कार्यक्रम के वक्ताओं ने भी बोला, इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना पडे़गा। हमें हर परेशानी के लिए दूसरों को दोष देना बंद करना चाहिए। जब तक हम सब मिलकर प्रयास नहीं करेंगे, किसी भी समस्या से निपटा नहीं जा सकता।
- राहुल महाजन, पर्यावरण प्रेमी
आज हमें जरूरत है जल इकट्ठा करने की और पर्यावरण का संरक्षण करने की और इसे बढ़ावा देने की। आने वाले समय में इसकी ही सबसे ज्यादा अहमियत होगी। इसके लिए शहरों की झीलों और गांवों की धरोहरों को जिंदा रखना होगा। हमें प्रकृति से सीखना होगा। उसका सम्मान करना होगा।
- प्रदीप त्रिवेणी, पर्यावरण प्रेमी
कार्यक्रम में ये लोग रहे शामिल
पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम, पीजीआई के फाइनेंशियल एडवाइजर कुमार अभय, पीजीआई के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. विपिन कौशल, पीजीआई के एडिशनल प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल, इंटरनल मेडिसिन के एडिशनल प्रोफेसर डा. गौरव प्रकाश, एडवांस आई सेंटर की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पारुल चावला गुप्ता, पीजीआई के रेजिडेंट डाक्टर ऑफ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर सहित पीजीआई की कई डाक्टर व स्टाफ के लोग, संपूर्णानंद जी महाराज, नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज, गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष केके शारदा, गांधी स्मारक भवन के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी, बिहार परिषद के संगठन मंत्री सत्यम ओझा, गांव खुडाअलीशेर के पूर्व सरपंच हुकम चंद, रायपुरकलां के पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह, पूर्व पंच राजविंदर सिंह, इंटक अध्यक्ष नसीब जाखड़, चंडीगढ़ सबार्डिनेट फेडरेशन के चेयरमैन राकेश कुमार, क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी, मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनीश गर्ग, चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा, गौरी शंकर सेवादल के प्रधान रमेश कुमार निक्कू, पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान डीके सिंह, नारी जागृति मंच की प्रधान नीना तिवारी, शिक्षाविद प्रज्ञा शारदा, डॉ. विशाल कुमार, मनोनित पार्षद शिप्रा बंसल, भाजपा पार्षद फरमिला देवी, विनोद अग्रवाल, कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला, डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण, फेडरेशन ऑफ सोशल वेलफेयर के अध्यक्ष वीएन शर्मा, एमएससी डूप्लेक्स के प्रधान केएल अग्रवाल, आरडीएस साहनी, मोटर मार्केट मनीमाजरा प्रधान राजेश चौधरी, संयुक्त व्यापार मंडल प्रधान ओपी बुद्धिराजा, प्रदीप बागरा, वरिंदर बंसल, संजीव गोयल, समाज सेवी रामेश्वर गिरी, मनीमाजरा व्यापार मंडल प्रधान मलकीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित हुए।