चंडीगढ़। शहर में सड़कों की री-कारपेटिंग की धीमी गति से चल रहे काम को लेकर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने कड़ा रुख अपनाया है। मेयर ने नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई और अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए कि बाजार से बाहर अन्य संभावित विकल्पों से बिटुमेन जुटाएं और काम में गति लाएं।
इस हाई-लेवल बैठक में नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा और अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ठेकेदारों ने मेयर को बताया कि बाजार में बिटुमेन (तारकोल) की भारी कमी है। सप्लाई चेन पूरी तरह से टूट चुकी है। इससे प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है। ठेकेदारों ने कहा कि बिटुमेन न मिलने से काम समय पर पूरा करने में दिक्कत हैं। मेयर ने कहा कि सप्लाई के बहानों से जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण चंडीगढ़ के नागरिकों को खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें। री-कार्पेटिंग के काम में तेजी लाएं। चंडीगढ़ की जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं और बेहतरीन सड़कें देना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। अमर उजाला ने 8 जून के अंक में गड्ढों में सड़कें तलाश रहा है चंडीगढ़ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मेयर ने इसका संज्ञान लिया।
मेयर ने दिए यह आदेश
24 घंटे निगरानी : इंजीनियरिंग विंग को आदेश दिया गया है कि वे रोजाना बिटुमेन की उपलब्धता पर नजर रखें और ठेकेदारों के साथ तालमेल बिठाकर हर रुकावट को दूर करें।
अतिरिक्त संसाधन लगाएं: देरी की भरपाई करने के लिए ठेकेदारों को अतिरिक्त मैनपावर और मशीनें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रोग्रेस रिपोर्ट अनिवार्य: काम की पारदर्शिता और गति जांचने के लिए मेयर ने नियमित रूप से प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपने को कहा है।